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रायसेन/बेगमगंज/बरेली। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मानसून की भारी एंट्री के बाद आफत और राहत का दौर एक साथ शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटों से जिले भर में जारी मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई रास्तों पर संपर्क टूट गया है। वहीं दूसरी तरफ, तेज बारिश के बीच हादसों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
पढ़िए आज रायसेन जिले की सभी बड़ी और ताज़ा खबरों की पूरी विस्तृत रिपोर्ट:
आफत की बारिश: बेतवा नदी उफान पर, पगनेश्वर पुल डूबा; रायसेन-सांची मार्ग बंद होने की कगार पर
रायसेन जिले और आसपास के कैचमेंट एरिया में बीती रात से हो रही लगातार तेज बारिश के कारण जिले की जीवनदायिनी बेतवा नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया है।
- रास्ते बंद: रायसेन के पास स्थित पगनेश्वर का नीचा पुल पूरी तरह पानी में डूब चुका है, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
- प्रशासन का अलर्ट: बेतवा के साथ-साथ बारना और रीछन नदी भी उफान पर हैं। सांची के पास भी नदी का पानी पुल के बेहद करीब पहुंच गया है। कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस टीम को सभी घाटों और पुलों पर तैनात कर दिया है। जलभराव वाले निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी जा रही है।
सलामतपुर के पास तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई; भोपाल के 4 युवक गंभीर रूप से घायल
बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ने से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। भोपाल-विदिशा हाईवे पर सलामतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई।
- हादसे की वजह: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज बारिश के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पेड़ में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
- घायलों की स्थिति: कार में सवार चारों युवक भोपाल के रहने वाले हैं, जो विदिशा की ओर जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही सलामतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। चारों को गंभीर हालत में रायसेन जिला अस्पताल से भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है।

बेगमगंज और गैरतगंज में बिजली का संकट: तेज हवाओं से गिरे खंभे, कई गांव अंधेरे में
मूसलाधार बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने जिले की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
- खंभे और पेड़ गिरे: बेगमगंज और गैरतगंज ग्रामीण इलाकों में आधा दर्जन से अधिक बिजली के खंभे और बड़े पेड़ उखड़कर लाइनों पर गिर गए हैं। इस वजह से कल रात से ही 20 से ज्यादा गांवों में ब्लैकआउट (अंधेरा) छाया हुआ है।
- सुधार कार्य जारी: बिजली कंपनी (विद्युत मंडल) के कर्मचारी सुबह से ही बारिश के बीच लाइनों को ठीक करने में जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही रिमझिम बारिश के कारण काम में रुकावट आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि शाम तक ही बिजली सप्लाई पूरी तरह बहाल हो पाएगी।

किसानों के चेहरे खिले: बाड़ी और बरेली इलाके में धान की बोनी और रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
एक तरफ जहां बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं रायसेन जिले के अन्नदाताओं के लिए यह बारिश अमृत बनकर बरसी है। जिले के सबसे बड़े कृषि क्षेत्र बरेली, बाड़ी और उदयपुरा में मानसून की अच्छी बारिश के बाद खेतों में रौनक लौट आई है।
- रोपाई शुरू: किसान सुबह से ही परिवारों के साथ खेतों में धान (चावल) की रोपाई और बोनी के काम में जुट गए हैं।
- खाद की मांग बढ़ी: खेती का काम तेजी से शुरू होते ही सोसायटियों और कृषि केंद्रों पर यूरिया और डीएपी खाद के लिए किसानों की भीड़ उमड़ रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण: अव्यवस्थाओं पर भड़के सीएमएचओ, डॉक्टरों को नोटिस
बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों (उल्टी-दस्त, मलेरिया, डेंगू) के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने रायसेन जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
कारण बताओ नोटिस: लापरवाही बरतने वाले दोनों डॉक्टरों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। सीएमएचओ ने सख्त लहजे में कहा कि बारिश के मौसम में मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ड्यूटी से गायब मिले डॉक्टर: निरीक्षण के दौरान ओपीडी (OPD) से दो डॉक्टर अपने समय पर नदारद मिले, जिस पर सीएमएचओ ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही वार्डों में साफ-सफाई की कमी और दवाओं के स्टॉक की सही जानकारी न होने पर अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई।





