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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुबेरेश्वरधाम पर इन दिनों आस्था और अध्यात्म की बयार बह रही है। धाम पर जारी कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच आयोजित ऑनलाइन शिव महापुराण कथा को देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं ने डिजिटल माध्यमों से देखा और श्रवण किया।
शनिवार को कथा के दौरान प्रख्यात कथा वाचकों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, समय के महत्व और निष्कपट भक्ति का मार्ग दिखाया।
📌 समय का सदुपयोग कर भगवान का चिंतन करें: पंडित राघव मिश्रा
कथा व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित राघव मिश्रा ने समय की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा:
- दुर्लभ मानव जीवन: मानव शरीर बड़े सौभाग्य से मिलता है। इस अमूल्य जीवन को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए।
- समय की कीमत: बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आता, इसलिए जीवन के प्रत्येक क्षण को प्रभु स्मरण, सत्कर्म और सेवा में लगाना ही सबसे बड़ी सफलता है।
- सकारात्मकता और विश्वास: आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और ईश्वर पर अटूट विश्वास ही इंसान को सफल बनाते हैं। जब व्यक्ति खुद को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करता है, तभी वह समाज और राष्ट्र के काम आता है।
“मनुष्य को अपने जीवन का प्रत्येक दिन किसी न किसी अच्छे कार्य के लिए समर्पित करना चाहिए।” — पंडित राघव मिश्रा

📌 भगवान शिव बाहरी आडंबर नहीं, सच्ची श्रद्धा स्वीकार करते हैं: पंडित प्रदीप मिश्रा
अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने माता पार्वती के तप और सत्संग की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रेरक प्रवचन में मुख्य बातें कहीं:
- धैर्य और समर्पण: माता पार्वती की कठोर तपस्या हमें सिखाती है कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए धैर्य, अटूट समर्पण और दृढ़ संकल्प कितना जरूरी है।
- सच्ची भक्ति का मार्ग: भगवान शिव किसी बाहरी दिखावे या आडंबर के भूखे नहीं हैं। वे केवल सच्ची श्रद्धा, निष्कपट भाव और अच्छे कर्मों को स्वीकार करते हैं।
- सत्संग की महिमा: चंचुला नाम की स्त्री का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब उसे संत का संग मिला, तो वह शिवधाम की अनुगामिनी बन गई। एक घड़ी के सत्संग की तुलना स्वर्ग की समस्त संपदा से भी नहीं की जा सकती।

🌍 ‘हर-हर महादेव’ से गुंजायमान हुआ डिजिटल संसार
ऑनलाइन माध्यम से जुड़े देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने न सिर्फ कथा का रसपान किया, बल्कि कमेंट्स और सोशल मीडिया के जरिए ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष कर पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। कथा के दौरान सनातन धर्म, सेवा, संस्कार और सदाचार से जुड़े विभिन्न प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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