
सीहोर | मध्य प्रदेश में करीब तीन सप्ताह के लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सीहोर जिले में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे से रुक-रुक कर रिमझिम और तेज बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से जहाँ लोगों को भीषण उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं मुरझा रही फसलों को नया जीवन मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
फसलों को मिली नई संजीवनी, किसानों की बढ़ी उम्मीदें
पिछले 13 दिनों से जिले में अच्छी बारिश न होने के कारण सोयाबीन समेत अन्य खरीफ फसलों पर संकट मंडराने लगा था। खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही थी, जिससे किसान काफी चिंतित थे। मंगलवार को हुई बारिश से खेतों को पर्याप्त नमी मिल गई है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश की यही स्थिति बनी रही, तो फसलों की पैदावार और बढ़वार बेहतरीन होगी।
🛑 अगले 3-4 दिन भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मानसून का यह सक्रिय दौर अगले 3 से 4 दिनों तक बना रहेगा।
- 24 से 48 घंटे का अलर्ट: भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, विंध्य और महाकोशल समेत कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

📊 सीहोर जिले में कहाँ कितनी हुई बारिश?
भू-अभिलेख विभाग के आँकड़ों के मुताबिक, जिले में औसतन 0.45 इंच वर्षा दर्ज की गई है। विभिन्न तहसीलों का ब्योरा इस प्रकार है:
| क्षेत्र / तहसील | दर्ज बारिश (इंच में) |
| श्यामपुर | 1.42 (सबसे अधिक) |
| बुधनी | 1.02 |
| रेहटी | 0.76 |
| सीहोर शहर | 0.28 |
| भैरूंदा | 0.12 |

🌊 अब तक सीज़न का हाल
भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, विदिशा, देवास और शाजापुर समेत प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मानसून का दौर जारी है।
कुल औसत बारिश: 1 जून से लेकर अब तक सीहोर जिले में औसतन 14.75 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है।
प्रदेश में सर्वाधिक बारिश: पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश में सबसे अधिक बारिश राजगढ़ (4.1 इंच) में दर्ज की गई।




