अवैध रेत परिवहन पर बवाल: ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक की पिटाई, तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

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सीहोर | भैरुंदा: सीहोर जिले के भैरुंदा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन को लेकर ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालक के बीच विवाद हो गया। ग्रामीणों ने बिना रॉयल्टी रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर अनुमति संबंधी जानकारी मांगी, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने चालक की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह घटना ग्राम छापरी से निमोटा होते हुए बबलीखेड़ा और सनकोटा को जोड़ने वाले ग्रामीण मार्ग की बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कच्चे रास्ते से प्रतिदिन 50 से 60 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हैं, जिससे सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

परमिशन पूछने पर बढ़ा विवाद

ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने ट्रैक्टर चालकों से ग्रामीण मार्ग का उपयोग करने की अनुमति और रॉयल्टी संबंधी जानकारी मांगी। इसी दौरान बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि चालक द्वारा रोज इसी रास्ते से निकलने की बात कहने पर विवाद और बढ़ गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसकी पिटाई कर दी।

ग्रामीणों ने बताई परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से कच्चा रास्ता खराब हो चुका है। इससे बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है। उनका आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए रेत माफिया मुख्य सड़कों के बजाय ग्रामीण मार्गों का इस्तेमाल करते हैं।

प्रशासन ने तीन ट्रैक्टर किए जब्त

सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और बिना रॉयल्टी रेत परिवहन कर रहे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर उन्हें लाड़कुई चौकी में खड़ा कराया। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत परिवहन जारी है, लेकिन खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका कहना है कि प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहा है।

पहले भी हो चुका है हादसा

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले रेत से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर गांव की एक दुकान में घुस गया था। इसके बावजूद ग्रामीण मार्गों से रेत परिवहन नहीं रुका। उनका आरोप है कि बिना रॉयल्टी रेत परिवहन से शासन को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।

दस्तावेज और लाइसेंस पर भी सवाल

ग्रामीणों का दावा है कि अवैध रेत परिवहन में लगे कई ट्रैक्टर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी आवश्यक दस्तावेज तक नहीं हैं। इसके बावजूद वे ग्रामीण सड़कों पर बेरोकटोक वाहन चला रहे हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

व्हाट्सएप ग्रुप से कार्रवाई की सूचना लीक होने का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी पहले ही ट्रैक्टर चालकों तक पहुंच जाती है। उनका कहना है कि व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए अधिकारियों की लोकेशन और छापेमारी की सूचना साझा की जाती है, जिससे अवैध परिवहन करने वालों को बच निकलने का मौका मिल जाता है।

नोट: वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए कुछ आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

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