उज्जैन में आस्था का महासंगम: नागपंचमी, सावन सोमवार और महाकाल की तीसरी सवारी आज; 5.50 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन, 2400 जवानों का पहरा

0
2

drnewsindia.com

उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के संयोग के साथ सोमवार को उज्जैन में आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिल रहा है। एक ही दिन नागपंचमी, सावन सोमवार और बाबा महाकाल की तीसरी सवारी होने से शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। साल में सिर्फ 24 घंटे खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खोले गए थे। सोमवार सुबह तक महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

ताजा अपडेट के मुताबिक, उज्जैन में करीब 5.50 लाख श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर और महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर और लगभग 4 लाख श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। सोमवार रात 10 बजे तक नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुले रहेंगे।

शाम 4 बजे निकलेगी बाबा महाकाल की तीसरी सवारी

सावन के तीसरे सोमवार का सबसे बड़ा आकर्षण बाबा महाकाल की तीसरी सवारी होगी। शाम 4 बजे महाकाल की सवारी मंदिर से नगर भ्रमण के लिए निकलेगी। सवारी में भगवान महाकाल के अलग-अलग स्वरूपों की झांकी देखने को मिलेगी।

इस बार चंद्रमौलेश्वर पालकी में, मनमहेश हाथी पर और शिव-तांडव प्रतिमा गरुड़ रथ पर विराजित रहेगी। सवारी के मार्ग पर करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसके चलते प्रशासन और पुलिस ने पूरे सवारी मार्ग पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए हैं।

36 घंटे तक 2400 जवान संभालेंगे मोर्चा

नागपंचमी, सावन सोमवार और महाकाल सवारी एक साथ होने के कारण पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 2400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अलग-अलग जिलों और पुलिस इकाइयों से अतिरिक्त बल बुलाया गया है।

एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक पुलिसकर्मी करीब 36 घंटे तक अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग पुलिस दल बनाए गए हैं।

200 से ज्यादा CCTV कैमरे, ड्रोन से निगरानी

उज्जैन शहर और मंदिर क्षेत्र में 200 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा ड्रोन के जरिए भी भीड़ और प्रमुख क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन का अनुमान है कि सोमवार को 5 से 8 लाख तक श्रद्धालु उज्जैन पहुंच सकते हैं। सबसे ज्यादा दबाव नागचंद्रेश्वर मंदिर, महाकाल मंदिर और महाकाल सवारी मार्ग पर रहने की संभावना है।

रात 12 बजे खुले नागचंद्रेश्वर के पट

नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात ठीक 12 बजे खोले गए। मंदिर के पट खुलने के बाद विधि-विधान से पूजन किया गया और फिर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए।

भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए रात से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। मंदिर के पट 24 घंटे के लिए खुले हैं और सोमवार रात 12 बजे बंद हो जाएंगे।

महाकाल मंदिर में तड़के 2:30 बजे खुले पट

सावन सोमवार को बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महाकाल मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोले गए। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।

सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश-निकासी व्यवस्था लागू की है।

भीड़ के बीच व्यवस्था पर उठे सवाल

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच कुछ स्थानों पर व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं। महाकाल मंदिर क्षेत्र में कई श्रद्धालुओं के भीड़ में फंसने की जानकारी सामने आई, जबकि हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग के दौरान महिला और पुरुष श्रद्धालुओं को भी परेशानी हुई।

कुछ दर्शनार्थियों ने व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे अब तक की खराब व्यवस्थाओं में से एक बताया। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने और सवारी के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने की है।

श्रद्धालुओं से पुलिस की अपील

पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा बनाए गए निर्धारित मार्गों का ही इस्तेमाल करें। बैरिकेडिंग न तोड़ें और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। मंदिर और सवारी क्षेत्र में किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए साइन बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने को कहा गया है।

पुलिस का कहना है कि CCTV और ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मध्यप्रदेश के दूसरे शिवालयों में भी उमड़ी भीड़

नागपंचमी और सावन सोमवार के अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रमुख शिव और नागदेवता मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है।

सेंधवा के नागलवाड़ी शिखरधाम में भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया और 108 व्यंजनों का भोग लगाया गया। यहां अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

भोजपुर महादेव मंदिर में भगवान शिव का करीब 6 क्विंटल फूलों से नागेश्वर स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। वहीं ग्वालियर के प्राचीन नागदेवता मंदिर, रायसेन के सोमेश्वर धाम और गैरतगंज के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक किया गया।

बैतूल में 75 किमी की डाक कावड़ यात्रा

नागपंचमी पर बैतूल में 150 युवाओं की डाक कावड़ यात्रा भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। युवा खेड़ी ताप्ती से जल लेकर करीब 75 किलोमीटर दौड़ते हुए सारणी के मठारदेव धाम पहुंच रहे हैं। कावड़ को करीब 500 मीटर के बाद एक युवा दूसरे साथी को सौंप रहा है।

यात्रा के साथ दो पिकअप वाहन और एंबुलेंस भी चल रही है। युवाओं का लक्ष्य करीब चार घंटे में मठारदेव धाम पहुंचकर ताप्ती के जल से भगवान शिव का अभिषेक करना है।

श्योपुर में पंचामृत से अभिषेक

सावन के तीसरे सोमवार पर श्योपुर के शिव मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने भगवान शिव का जल, दूध, दही, घी और शहद से पंचामृत अभिषेक किया। इसके बाद बिल्वपत्र, आक और धतूरा अर्पित किए गए। मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।

आज उज्जैन में आस्था और सुरक्षा दोनों की बड़ी परीक्षा है। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच शाम को बाबा महाकाल की तीसरी सवारी निकलेगी। प्रशासन की नजर भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर बनी हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here