drnewsindia.com / सीहोर। सावन मास के तीसरे सोमवार को विश्वप्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रिमझिम बारिश के बीच 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सीवन नदी के तट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक का 11 किलोमीटर का मार्ग भगवा ध्वजों और शिवभक्तों के उत्साह से पूरी तरह शिवमय नजर आया।
🌊 11 किमी लंबा मार्ग बना शिवभक्ति का पथ
सावन के पवित्र महीने में हर दिन हजारों श्रद्धालु शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी से जल भरकर पैदल कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं।
- सेवा स्टॉल्स की व्यवस्था: सीवन नदी से धाम तक मार्ग में सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा पंडाल लगाए गए हैं।
- निःशुल्क सुविधाएं: कांवड़ यात्रियों के लिए जगह-जगह पेयजल, फलाहार, चाय और प्रसादी का वितरण निरंतर किया जा रहा है।
🎙️ “भगवान भाव के भूखे हैं, आडंबर की जरूरत नहीं” — पं. राघव मिश्रा
धाम पहुंचे प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा:
“भगवान शिव की भक्ति में किसी भी प्रकार के दिखावे और आडंबर की आवश्यकता नहीं है। ईश्वर सच्चे भाव के भूखे हैं। मनुष्य के जीवन में चरित्र, ज्ञान और व्यवहार की नकल कोई नहीं कर सकता—यह व्यक्ति के कर्मों और संस्कारों से ही झलकता है।”

🚩 25 अगस्त को निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी:
- अगली भव्य यात्रा: सावन के क्रम में 25 अगस्त को एक बार फिर विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी।
- 100+ सेवा केंद्र: यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए 100 से अधिक सेवादार केंद्र बनाए जाएंगे।
- प्रशासनिक व्यवस्था: स्थानीय प्रशासन और सेवा समितियों ने श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन व सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।




