भोपाल में आज से कमर्शियल एक्टिविटी पर सीलिंग की बड़ी कार्रवाई: भारी पुलिस बल तैनात, कारोबारियों में हड़कंप

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भोपाल | डिजिटल डेस्क: राजधानी भोपाल के आवासीय (रेसिडेंशियल) इलाकों में बिना अनुमति चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियों (Commercial Activities) पर आज यानी सोमवार से नगर निगम का ‘पीला पंजा’ और सीलिंग का चाबुक चलने वाला है। रविवार को नगर निगम की टीमों ने ऐसे प्रतिष्ठानों पर 24 घंटे के अंतिम नोटिस चस्पा कर दिए हैं।

कार्रवाई के दौरान हंगामे और विरोध की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

🚨 सोमवार को 6 मुख्य इलाकों में चलेगा सीलिंग अभियान

नगर निगम की टीम सोमवार को शहर के 6 प्रमुख स्थानों पर एक साथ सीलिंग की कार्रवाई करेगी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मिसरोद, हबीबगंज, रातीबढ़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थानों का पुलिस बल तैनात रहेगा।

📌 अब तक की कार्रवाई के आंकड़े:

  • 8,264 नोटिस: नगर निगम 26 अगस्त तक कुल 8,264 नोटिस जारी कर चुका है।
  • गौतम नगर में पहली गाज: वार्ड-58 के गौतम नगर स्थित एक आवासीय इमारत में अवैध रूप से चल रहे होटल को पहले ही सील किया जा चुका है।
  • नोटिसों का परीक्षण: पिछले चार दिनों से नए नोटिस देने पर रोक लगाकर पुराने जारी नोटिसों की कानूनी स्थिति का परीक्षण किया जा रहा था।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर निरस्त

यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हो रहा है। अगस्त के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य सरकार की 10-सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

  • हाईकोर्ट के सभी स्टे निरस्त: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दुकान संचालकों को दिए गए सभी राहत आदेशों (Stay Orders) को रद्द कर दिया।
  • कोर्ट की चेतावनी: सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  • अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है, जिसमें नगर निगम को अपनी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।

🏘️ रहवासियों की मांग: शांति, सुरक्षा और ट्रैफिक से मुक्ति

रहवासी इलाकों में धड़ल्ले से चल रही दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय नागरिक बेहद परेशान हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. शांति भंग: व्यावसायिक गतिविधियों से रिहाइशी इलाकों में शोर और अनचाही भीड़ बढ़ रही है।
  2. सुरक्षा का खतरा: असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ने से महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
  3. स्कूली बच्चों की सुरक्षा: कमर्शियल भीड़ के कारण संकरी गलियों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।

🏬 कारोबारियों में दहशत: अवधपुरी से लालघाटी तक हड़कंप

सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख और नगर निगम की नोटिस के बाद अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन, और लालघाटी जैसे प्रमुख इलाकों के व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कई दुकानदार अब कमर्शियल क्षेत्रों में दुकानें तलाश रहे हैं।

मास्टर प्लान में देरी पड़ी भारी: अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भोपाल का मास्टर प्लान समय पर लागू होता, तो आज आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र स्पष्ट रूप से विभाजित होते और कारोबारियों व रहवासियों को यह स्थिति नहीं देखनी पड़ती।

🌊 कैचमेंट एरिया, ग्रीन बेल्ट और मैरिज गार्डन भी निशाने पर

नगर निगम ने केवल मुख्य सड़कों ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी अंदरूनी गलियों, नदी-तालाबों के किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बनी इमारतों का भी गहन सर्वे शुरू कर दिया है। नियमों का उल्लंघन करके बने अवैध मैरिज गार्डनों को भी जल्द ही सीलिंग के नोटिस थमाए जाएंगे।

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