drnewsindia.com / सीहोर | डिजिटल डेस्क: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में गंभीर रूप से घायल किसान सतीश मेवाड़ा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को किसानों ने एक अनोखा और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। बड़वेली गांव क्षेत्र के दर्जनों किसान आम के पेड़ों की डालियों पर चढ़कर बैठ गए और हाथ में थालियां बजाकर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
⚡ 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से हुआ था हादसा
किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ:
- हादसे की वजह: बड़वेली गांव के खेतों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी (11KV) की झूलती हुई बिजली लाइन की चपेट में आने से किसान सतीश मेवाड़ा झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
- छोटे कर्मचारी पर कार्रवाई: किसानों का कहना है कि विभागीय जांच में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही साबित होने के बावजूद प्रशासन ने सिर्फ एक लाइनमैन पर कार्रवाई की, जबकि मुख्य जिम्मेदार बड़े अधिकारियों को बचा लिया गया।

🚜 25 गांवों के किसान 2 महीने से धरने पर; ये हैं मुख्य मांगें
किसान नेता एमएस मेवाड़ा की अगुवाई में बीते दो महीनों से 25 गांवों के 500 से अधिक किसान लगातार आंदोलनरत हैं। किसानों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक सहायता व रोजगार: पीड़ित किसान सतीश मेवाड़ा को ₹25 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR: सीहोर बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री (SE), कार्यपालन यंत्री (EE) और श्यामपुर के सहायक यंत्री (AE) के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
🚨 मांगें न मानने पर ‘सीहोर से दिल्ली’ तक हाथ ठेला मार्च की चेतावनी
किसानों ने शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है:
“यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं की गईं, तो सतीश मेवाड़ा के बुजुर्ग पिता उन्हें हाथ ठेले पर बैठाकर सीहोर से दिल्ली तक पैदल मार्च करेंगे। किसान जंतर-मंतर से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक जाकर न्याय की गुहार लगाएंगे। जब तक मुआवजा और अफसरों पर कार्रवाई नहीं होती, यह आंदोलन जारी रहेगा।”




