राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव का ऐलान, यूपी की 10 और उत्तराखंड की एक सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान

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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राज्यसभा की कुल 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव तथा पश्चिम बंगाल की एक रिक्त सीट के लिए उपचुनाव शामिल है। तीनों राज्यों से संबंधित इन सीटों पर मतदान 16 अक्टूबर 2026 को कराया जाएगा। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक मतदान की जरूरत पड़ने पर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव

सबसे ज्यादा 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। इनमें से नौ सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है, जबकि एक सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश की इन सीटों के लिए भी 16 अक्टूबर को मतदान होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 10 सीटों में वर्तमान में आठ सीटें बीजेपी के पास हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है। इन सीटों पर होने वाला चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्यसभा में राज्यों के प्रतिनिधित्व का निर्धारण संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के मतदान से होता है।

उत्तर प्रदेश की जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, राम गोपाल यादव, रामजी, बीएल वर्मा, सीमा और हरदीप सिंह पुरी सहित मौजूदा सदस्यों से जुड़ी सीटें शामिल हैं। इसके अलावा दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट भी चुनाव प्रक्रिया में शामिल है। दिनेश शर्मा को 11 सितंबर 2026 को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था, जिसके बाद उनकी राज्यसभा सीट रिक्त हुई।

उत्तराखंड की एक सीट भी होगी शामिल

उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भी द्विवार्षिक चुनाव कराया जाएगा। मौजूदा सदस्य नरेश बंसल की सीट का कार्यकाल समाप्त होने के कारण यह चुनाव निर्धारित किया गया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीटों के लिए होने वाला चुनाव नियमित द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया का हिस्सा है।

राज्यसभा में सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते। राज्यों के प्रतिनिधियों का चुनाव संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है। इसलिए इन चुनावों में विधानसभा में विभिन्न दलों की संख्या चुनाव परिणाम के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है।

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