जापान। शियन गेम्स-2026 में भारतीय दल की नजर अब मेडल टैली में अपनी स्थिति को बेहतर करने पर है। आइची-नागोया में खेले जा रहे महाद्वीपीय खेलों में भारत ने अब तक कुल 30 पदक अपने नाम किए हैं। इनमें चार गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारत फिलहाल मेडल टैली में 10वें स्थान पर है और रविवार को होने वाले विभिन्न मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदकों की संख्या बढ़ाने का अवसर रहेगा।
एथलेटिक्स और शूटिंग में पदक की उम्मीद
रविवार को एथलेटिक्स और शूटिंग ऐसे प्रमुख खेलों में शामिल हैं, जहां मेडल इवेंट्स होने हैं। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ी पदक के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगे। एथलेटिक्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी, क्योंकि ट्रैक एंड फील्ड से जुड़े मुकाबले भारतीय दल के लिए मेडल टैली बढ़ाने का एक अवसर बन सकते हैं।
शूटिंग भी भारतीय खेलों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों से पदक की उम्मीद रहती है। रविवार को शूटिंग के मेडल इवेंट्स भारत को अपनी पदक संख्या बढ़ाने का मौका देंगे। हालांकि, मुकाबलों के नतीजे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेंगे और प्रतियोगिता में अन्य देशों के खिलाड़ी भी चुनौती पेश करेंगे।
स्क्वॉश और वेटलिफ्टिंग में भी मुकाबले
रविवार के कार्यक्रम में स्क्वॉश और वेटलिफ्टिंग भी शामिल हैं। दोनों खेलों में भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे। स्क्वॉश में भारतीय खिलाड़ी कोर्ट पर मुकाबला करेंगे, जबकि वेटलिफ्टिंग में खिलाड़ियों को अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करना होगा।
मेडल इवेंट्स वाले इन खेलों में भारतीय दल की पदक संख्या बढ़ाने की संभावनाएं बनी हुई हैं। मौजूदा मेडल टैली में भारत के पास चार गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज हैं। ऐसे में रविवार को मिलने वाला प्रत्येक पदक भारत की कुल संख्या और मेडल टैली में उसकी स्थिति पर असर डाल सकता है।
मौजूदा 30 पदकों के साथ भारत प्रतियोगिता में अपनी चुनौती बनाए हुए है। अब भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर रविवार के मुकाबलों पर रहेगी। अलग-अलग खेलों में उतरने वाले खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से देश की पदक संख्या बढ़ाने की कोशिश करेंगे। एशियन गेम्स-2026 में आगे बढ़ते हुए भारत का ध्यान अधिक से अधिक पदक हासिल करने और मेडल टैली में अपनी स्थिति सुधारने पर रहेगा।



