नेपाल। नेपाल पाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश से नदियों और जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। 25 सितंबर से शुरू हुई बारिश से देश के कई हिस्सों में जान-माल और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। नेपाल के सरकारी समाचार माध्यम The Rising Nepal के अनुसार, 28 सितंबर तक बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि पांच लोग लापता बताए गए। दर्जनों घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
बागलुंग में भूस्खलन से एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बारिश और भूस्खलन से सबसे गंभीर घटनाओं में से एक बागलुंग जिले में सामने आई। यहां भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में एक महिला और उसके तीन बेटों की मौत हो गई। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ढलान वाले क्षेत्रों में बने घरों और सड़कों पर विशेष जोखिम रहता है।
बागलुंग की घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने किस तरह अचानक खतरे की स्थिति पैदा हो सकती है। भूस्खलन की घटना कुछ ही समय में घरों और संपर्क मार्गों को प्रभावित कर सकती है, जिससे राहत और बचाव दलों के लिए भी प्रभावित स्थान तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
पाल्पा में भी बारिश और भूस्खलन का असर
पाल्पा जिले में भी बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश के कारण नेपाल के अलग-अलग जिलों में स्थानीय स्तर पर बाढ़, भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश के कारण केवल जनहानि ही नहीं हुई है, बल्कि कई इलाकों में आवागमन भी बाधित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें भूस्खलन के मलबे से बंद होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचने से संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
अगस्त में भी आई थी भीषण बाढ़
नेपाल इस समय एक और बड़े प्राकृतिक आपदा की मार से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है। 26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने देश में भारी तबाही मचाई थी। इसके बाद बाढ़ का पानी निचले इलाकों तक पहुंचा और कई जिलों में बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा।
इस आपदा में मृतकों और लापता लोगों की संख्या समय के साथ लगातार अपडेट होती रही। 12 सितंबर की काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 26 अगस्त की भोटेकोशी बाढ़ के बाद 1,386 शव बरामद किए जा चुके थे और 5,130 लोग अब भी लापता थे। 13,728 लोगों को बचाया गया था और 3,761 लोग 37 होल्डिंग सेंटरों में रह रहे थे।
नेपाल में मौजूदा बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी भूगोल और मानसूनी मौसम के बीच आपदा प्रबंधन की चुनौती को सामने ला दिया है। 21 लोगों की ताजा मौतों के अलावा अगस्त की भोटेकोशी त्रासदी से जुड़े हजारों लोगों के लापता होने का आंकड़ा इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है तथा स्थिति पर प्रशासन की निगरानी बनी हुई है।




