drnewsindia.com /लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी एम-पैक्स (M-PACS) से जुड़े किसान सदस्यों के लिए राहत की खबर है। अब इन समितियों के सदस्य किसान जनता दुर्घटना बीमा योजना के तहत पहले की तुलना में कई गुना अधिक बीमा कवर हासिल कर सकेंगे। योजना के तहत दुर्घटना बीमा की अधिकतम राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे एम-पैक्स से जुड़े करीब एक करोड़ सदस्य किसान इस बढ़े हुए बीमा कवर का लाभ उठा सकेंगे।
50 हजार से बढ़कर 3 लाख रुपये हुआ बीमा कवर
जनता दुर्घटना बीमा योजना में अब एम-पैक्स के सदस्य किसान अपनी सुविधा के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक का बीमा करा सकेंगे। उपलब्ध विकल्पों में 50 हजार, 1 लाख, 1.5 लाख, 2 लाख, 2.5 लाख और 3 लाख रुपये का बीमा कवर शामिल है।
इससे किसान अपनी आर्थिक स्थिति और परिवार की जरूरत के अनुसार बीमा राशि का चुनाव कर सकेंगे। पहले योजना में बीमा कवर की अधिकतम सीमा केवल 50 हजार रुपये थी। ऐसे में दुर्घटना की स्थिति में मिलने वाली आर्थिक सहायता भी सीमित रहती थी। अब अधिकतम बीमा राशि छह गुना बढ़ाए जाने से योजना के दायरे में आने वाले किसानों के लिए सुरक्षा का स्तर बढ़ेगा।
करीब एक करोड़ किसानों को मिल सकता है लाभ
इस फैसले का दायरा बड़ा है क्योंकि एम-पैक्स से जुड़े लगभग एक करोड़ सदस्य किसान इस योजना के संभावित लाभार्थी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान परिवारों के लिए दुर्घटना के कारण उत्पन्न होने वाला आर्थिक संकट गंभीर हो सकता है। खेती के साथ-साथ किसान अक्सर कृषि से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय रहते हैं और परिवार की आय भी काफी हद तक कृषि गतिविधियों पर निर्भर होती है।
ऐसी स्थिति में दुर्घटना के कारण आय प्रभावित होने पर परिवार के सामने उपचार, रोजमर्रा के खर्च और अन्य वित्तीय जरूरतों की चुनौती पैदा हो सकती है। दुर्घटना बीमा का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में बीमित व्यक्ति या पात्र परिवार को निर्धारित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
2018 से लागू है योजना
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर के अनुसार, इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी की जनता दुर्घटना बीमा योजना वर्ष 2018 से लागू है। इस योजना के तहत पैक्स के सदस्य किसानों को अब तक 50 हजार रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता रहा है।
अब इस सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया गया है। यानी योजना के मूल ढांचे को बनाए रखते हुए किसानों को मिलने वाले अधिकतम बीमा कवर में महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है।
सरकार का यह कदम सहकारी समितियों से जुड़े किसानों के सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा कवच को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियां किसानों को कृषि ऋण, खाद, बीज और अन्य कृषि सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इन्हीं संस्थाओं के सदस्य किसानों को बीमा सुविधा उपलब्ध कराना ग्रामीण वित्तीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
50 हजार रुपये की अधिकतम सीमा के मुकाबले 3 लाख रुपये का कवर किसानों को काफी अधिक वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध करा सकता है। विशेष रूप से कम आय वाले ग्रामीण परिवारों के लिए दुर्घटना के बाद आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है।
एम-पैक्स के करीब एक करोड़ सदस्य किसानों को इस सुविधा के दायरे में लाने से योजना का प्रभाव व्यापक हो सकता है। साथ ही अलग-अलग बीमा राशि चुनने का विकल्प किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार योजना का चयन करने की सुविधा देता है।
कुल मिलाकर, एम-पैक्स सदस्य किसानों के लिए जनता दुर्घटना बीमा योजना में बीमा कवर को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करना ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव है। 3 लाख रुपये के कवर के लिए 56 रुपये सालाना प्रीमियम का प्रावधान किसानों के लिए कम लागत में दुर्घटना सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम है। अब किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपने एम-पैक्स से योजना की उपलब्धता, पात्रता, प्रीमियम, पॉलिसी की शर्तों और दावा प्रक्रिया की पूरी जानकारी लेकर ही बीमा विकल्प का चयन करें।




