सीहोर। 28 सितंबर 2026। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध अभियान सोमवार को देश के कई राज्यों में सड़कों पर दिखाई दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उन्हें पद से हटाने की मांग की। झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, मणिपुर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में रैलियां, धरने, मार्च और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम हुए। इन प्रदर्शनों की पुष्टि विभिन्न राज्यों से सामने आई रिपोर्टों में भी हुई है।
कांग्रेस का मुख्य आरोप यह है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं और इन्हें संबंधित पक्षों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस पूरे विवाद का केंद्र SIR प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा और उनमें आवश्यक बदलाव किए जाते हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने या मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पर्याप्त स्पष्टता और जवाबदेही जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस की इकाई ने भी सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जम्मू में जिला कांग्रेस कमेटियों ने शहीदी चौक पर धरना दिया और इसके बाद उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पार्टी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की समीक्षा और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग रखी।
पुंछ, उधमपुर, कठुआ, सांबा, रामबन, राजौरी और डोडा समेत कई जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में स्पष्टता की मांग की। पार्टी के नेताओं ने SIR से जुड़े अपने आरोपों को दोहराते हुए निर्वाचन आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।




