नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को कृषि, ऊर्जा और शहरी परिवहन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। इन फैसलों में रबी फसलों के लिए 2027-28 मार्केटिंग सीजन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाना, बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने के लिए ₹1.86 लाख करोड़ की योजना और दिल्ली में तकनीक आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना शामिल है। तीनों फैसलों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देगा—एक तरफ किसानों के लिए फसलों के घोषित समर्थन मूल्य में बदलाव होगा, दूसरी तरफ बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क और बैटरी स्टोरेज क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, जबकि दिल्ली में ट्रैफिक प्रबंधन को रियल-टाइम डेटा और तकनीक के जरिए आधुनिक बनाने की योजना है।
रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी
कैबिनेट के कृषि संबंधी फैसले में 2027-28 मार्केटिंग सीजन के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इनमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड-मस्टर्ड यानी सरसों और कुसुम शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के MSP में की गई है, जबकि गेहूं के समर्थन मूल्य में ₹25 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।
नई दरों के अनुसार गेहूं का MSP ₹2,585 से बढ़कर ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गया है। जौ का MSP ₹2,150 से बढ़कर ₹2,286 रुपये, चने का ₹5,875 से बढ़कर ₹5,958 रुपये और मसूर का MSP ₹7,000 से बढ़कर ₹7,390 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसी तरह रेपसीड और सरसों का MSP ₹6,200 से बढ़ाकर ₹6,613 रुपये और कुसुम का MSP ₹6,540 से बढ़ाकर ₹7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
दिल्ली में बदलेगा ट्रैफिक मैनेजमेंट
कैबिनेट ने दिल्ली के लिए ₹1,789.52 करोड़ के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को भी मंजूरी दी है। इस सिस्टम में आधुनिक तकनीक, रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा और ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल करके शहर में यातायात संचालन को अधिक डेटा आधारित बनाने की योजना है। यह परियोजना 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर करेगी।
नए सिस्टम में Adaptive Traffic Signals महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मौजूदा व्यवस्था में कई जगह ट्रैफिक सिग्नल निर्धारित समय के हिसाब से चलते हैं, जबकि एडैप्टिव सिग्नल उपलब्ध ट्रैफिक स्थिति के अनुसार सिग्नल टाइमिंग में बदलाव कर सकते हैं। इससे अधिक ट्रैफिक वाले मार्गों पर सिग्नल व्यवस्था को परिस्थितियों के अनुरूप संचालित करने में मदद मिल सकती है।
तीनों फैसलों का व्यापक असर
केंद्रीय कैबिनेट के ये तीन फैसले अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं, लेकिन तीनों में बुनियादी ढांचे और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिखाई देता है। MSP में बदलाव सीधे कृषि और किसानों से संबंधित है। Green Energy Corridor-III बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने से जुड़ा है, जबकि दिल्ली का ITMS शहरी परिवहन और यातायात प्रबंधन को डिजिटल तकनीक से मजबूत करने की दिशा में है।
रबी MSP की नई दरें किसानों के लिए आगामी मार्केटिंग सीजन में मूल्य संबंधी महत्वपूर्ण संकेत देंगी। ऊर्जा क्षेत्र में ₹1.86 लाख करोड़ की योजना नवीकरणीय बिजली को ग्रिड में शामिल करने के लिए ट्रांसमिशन और स्टोरेज क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है। वहीं दिल्ली ITMS का उद्देश्य राजधानी की यातायात व्यवस्था को रियल-टाइम डेटा, स्मार्ट सिग्नल और स्वचालित निगरानी जैसे तकनीकी उपायों से आधुनिक बनाना है।
इस प्रकार बुधवार को लिए गए कैबिनेट के फैसलों में खेती से लेकर बिजली नेटवर्क और शहरी आवाजाही तक तीन अलग-अलग क्षेत्रों को कवर किया गया है। आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव इनके क्रियान्वयन, सरकारी खरीद व्यवस्था, परियोजनाओं की समयसीमा और राज्यों तथा संबंधित एजेंसियों के स्तर पर कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।




