सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर कस्बे में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 की सुबह एक नमकीन और मसाला फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। कोर्ट रोड स्थित गोधन दलिया, मसाला उद्योग एवं विनायक नमकीन फैक्ट्री में लगी आग ने कुछ ही समय में बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में रखा तैयार नमकीन, मिर्च-मसाले, पैकेजिंग सामग्री और मशीनें जलकर बर्बाद हो गईं। घटना में स्थानीय कारोबारी हरी गुप्ता को लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आई है।
कोर्ट रोड पर धुएं का गुबार देखकर मौके पर पहुंचे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह फैक्ट्री परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुआं बढ़ने लगा और आग की लपटें नजर आने लगीं। घटना की जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। फैक्ट्री के अंदर रखे सामान के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।
बताया गया कि फैक्ट्री में तैयार नमकीन के साथ मिर्च-मसाले, पैकेजिंग मटेरियल और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें मौजूद थीं। आग फैलने के बाद इन वस्तुओं को सुरक्षित निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में तैयार माल और अन्य सामग्री आग की चपेट में आ गई।
ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड की देरी पर उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि आग लगने के करीब दो घंटे बाद तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। लोगों के मुताबिक, यदि दमकल वाहन समय पर पहुंच जाता तो आग पर जल्दी काबू पाने की संभावना रहती और नुकसान को कुछ हद तक सीमित किया जा सकता था।
फायर ब्रिगेड के समय पर नहीं पहुंचने का दावा स्थानीय लोगों की ओर से किया गया है। इस संबंध में संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर देरी के कारणों की जानकारी सामने आना बाकी है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
इछावर जैसे कस्बाई क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और छोटी औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाओं के दौरान समय पर दमकल सेवा पहुंचना महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर ऐसी फैक्ट्रियों में जहां बड़ी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री, खाद्य उत्पाद, मसाले या अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद हो, वहां आग तेजी से फैल सकती है।
कारोबार पर भी पड़ेगा असर
नमकीन और मसाला कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में तैयार माल के साथ कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री का स्टॉक भी रखा जाता है। आग में इन वस्तुओं के नष्ट होने से कारोबारी को एक साथ कई स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। मशीनरी क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उत्पादन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
हरी गुप्ता के लिए यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फैक्ट्री में मौजूद तैयार उत्पाद और मशीनरी दोनों आग की चपेट में आ गए। नुकसान का अंतिम आकलन होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कारोबार को कितनी आर्थिक क्षति हुई है और उत्पादन को सामान्य स्थिति में लाने के लिए कितने संसाधनों की आवश्यकता होगी।
इछावर में हुई इस घटना ने स्थानीय व्यावसायिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फैक्ट्रियों और दुकानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, विद्युत वायरिंग की नियमित जांच और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था दुर्घटना के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
फिलहाल इछावर के कोर्ट रोड स्थित फैक्ट्री में लगी आग से बड़े पैमाने पर नुकसान की जानकारी सामने आई है। तैयार नमकीन, मसाले, पैकेजिंग सामग्री और मशीनरी के जलने से कारोबारी को लाखों रुपये की क्षति बताई जा रही है। वहीं, फायर ब्रिगेड के कथित रूप से देर से पहुंचने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। आग लगने की वास्तविक वजह, दमकल सेवा में हुई देरी और कुल आर्थिक नुकसान से जुड़ी स्थिति संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।




