विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के शमशाबाद स्थित पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के तहत चलाए जा रहे ई-अपशिष्ट अभियान 6.2 के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। विद्यालय में अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निपटान, पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र कुमार, उपप्राचार्य एमडी मिश्रा, इको क्लब प्रभारी प्रियंका त्रिपाठी सहित शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए।

2 अक्टूबर से शुरू हुआ अभियान, 28 अक्टूबर तक चलेगा



विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र कुमार ने जागरूकता संदेश देते हुए बताया कि ई-अपशिष्ट अभियान 6.2 की शुरुआत 2 अक्टूबर से हुई है और यह 28 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उचित निपटान पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्राचार्य ने कहा कि घरों, कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में उपयोग के बाद अनुपयोगी हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे की तरह फेंकने के बजाय उनके निपटान की उचित व्यवस्था अपनानी चाहिए। मोबाइल फोन, टेलीविजन, टेलीफोन, फ्लॉपी, हार्ड डिस्क और सीसीटीवी कैमरे जैसे उपकरणों को ऐसी जिम्मेदार फर्मों और एजेंसियों को सौंपना चाहिए, जो संबंधित नियमों के अनुसार पंजीकृत हों।
ई-कचरे का उचित निपटान पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के उपप्राचार्य एमडी मिश्रा ने कचरे के उचित प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब अनुपयोगी सामान और कचरे का व्यवस्थित निपटान किया जाता है, तो घरों, कार्यालयों और विद्यालयों में जगह का बेहतर उपयोग संभव होता है। इससे परिसर को व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलती है।
उन्होंने पर्यावरण की दृष्टि से कचरे के सही प्रबंधन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वच्छता केवल परिसर की सफाई तक सीमित नहीं है। इसके लिए यह समझना भी जरूरी है कि अलग-अलग प्रकार के कचरे को किस तरह संभाला और निपटाया जाना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक कचरे के मामले में यह सावधानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पुराने उपकरणों में कई प्रकार के पदार्थ और घटक मौजूद हो सकते हैं।
इको क्लब के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों की भागीदारी
विद्यालय में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों की भागीदारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यालय की इको क्लब प्रभारी और स्नातकोत्तर जीव विज्ञान शिक्षिका प्रियंका त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कक्षा दसवीं की छात्रा दीपिका वंशकार ने अपना भाषण प्रस्तुत किया।
दीपिका वंशकार ने अपने संबोधन में बताया कि विद्यालय में ई-अपशिष्ट अभियान 6.2 के अंतर्गत जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों तक अभियान का संदेश पहुंचाना और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति संवेदनशील बनाना है।
विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रमों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि विद्यार्थी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचा सकते हैं। यदि बच्चे और युवा पुराने मोबाइल फोन, खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा अन्य ई-कचरे को सही तरीके से निपटाने की आदत अपनाते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव घरों और समुदायों तक पहुंच सकता है।
कार्यक्रम का संचालन छात्रा सुरुचि किरार ने किया
विद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का संचालन कक्षा दसवीं की छात्रा सुरुचि किरार ने किया। यह आयोजन विद्यालय के सीसीए मीडिया प्रभारी और स्नातकोत्तर अंग्रेजी शिक्षक मनोज कुमार वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी की सहभागिता के साथ ई-कचरे के उचित निपटान और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संपूर्ण आयोजन विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र कुमार के निर्देशन में किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल बड़े स्तर पर योजनाएं बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अलग रखना, उन्हें सामान्य कचरे में नहीं मिलाना और उचित निपटान के लिए अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करना ऐसी ही उपयोगी आदतें हैं।
पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय शमशाबाद में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने और ई-कचरे के उचित प्रबंधन का संदेश देने पर केंद्रित रहा। अभियान के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्टूबर तक जागरूकता गतिविधियां जारी रहेंगी। विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, इको क्लब और विद्यार्थियों की भागीदारी से इस संदेश को अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को बेकार सामान समझकर कहीं भी न फेंका जाए, बल्कि उसके सुरक्षित संग्रह और निपटान को प्राथमिकता दी जाए। विद्यालय में चलाया जा रहा यह जागरूकता प्रयास विद्यार्थियों को स्वच्छता, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और पर्यावरण के प्रति अपनी भूमिका समझने का अवसर प्रदान करता है।




