जबलपुर में हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, 12 साल का बच्चा घायल

0
7

मध्य प्रदेश के जबलपुर में बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि 12 साल का एक बच्चा घायल हो गया। यह हादसा शहर के गोरखपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर इलाके के मंडवा में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्गा माता के पंडाल से एक बैनर हटाकर उसे घर की बालकनी में ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बैनर का ऊंचा फ्रेम ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। तार के संपर्क में आते ही फ्रेम में करंट दौड़ गया और उसकी चपेट में आने से तीन लोग घायल हो गए।

दुर्गा माता के पंडाल से बैनर हटाते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब परिवार के कुछ लोग दुर्गा माता के पंडाल से एक बैनर हटाकर उसे अपने घर की बालकनी में लगाने के लिए ले जा रहे थे। बैनर का फ्रेम काफी ऊंचा था। उसे ले जाने के दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से यह हादसा हो गया।

हाईटेंशन बिजली लाइन में सामान्य घरेलू बिजली की तुलना में बहुत अधिक वोल्टेज होता है। ऐसे तारों के संपर्क में आने वाली धातु की वस्तु में खतरनाक विद्युत प्रवाह हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति उस वस्तु को छू रहा हो, तो उसे गंभीर करंट लगने का खतरा रहता है।

इस घटना में भी बैनर के फ्रेम के बिजली के तार से संपर्क में आने के बाद तीन लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के सटीक तकनीकी कारणों और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सीता और किशन की मौत, 12 साल का बच्चा घायल

जबलपुर की एडिशनल एसपी पल्लवी शुक्ला ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गोरखपुर थाना क्षेत्र के मंडवा में बैनर का फ्रेम हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया था। इसके बाद उसमें हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया, जिससे तीन लोग घायल हुए।

उन्होंने बताया कि घायलों में शामिल एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई। मृतकों की पहचान सीता (21) और किशन (22) के रूप में हुई है। हादसे में घायल 12 साल के बच्चे को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बच्चे की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में उपलब्ध जानकारी में विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए उसकी हालत में सुधार या अन्य चिकित्सकीय जानकारी के संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल उसके इलाज की जानकारी सामने आई है।

एक ही घटना में दो लोगों की मौत और एक बच्चे के घायल होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हालांकि, परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति और हादसे से जुड़ी अतिरिक्त परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम

घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की परिस्थितियों का जायजा लिया और मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

एडिशनल एसपी पल्लवी शुक्ला के मुताबिक, पुलिस और प्रशासन की ओर से जरूरी जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच के दौरान घटना के क्रम, बैनर के फ्रेम की स्थिति, बिजली की लाइन से उसके संपर्क और हादसे से संबंधित अन्य तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि घटना में किसी व्यक्ति या विभाग की लापरवाही सामने आई है। इस संबंध में निष्कर्ष जांच के तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।

हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास सावधानी जरूरी

जबलपुर की यह घटना बिजली की ऊंची लाइनों के आसपास धातु की लंबी या ऊंची वस्तुएं ले जाने के जोखिम को सामने लाती है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले लोहे के सामान, लंबे पाइप, सीढ़ियां, धातु के फ्रेम और बैनर के बड़े ढांचे बिजली की लाइनों के नजदीक ले जाते समय विशेष सावधानी की मांग करते हैं।

हाईटेंशन तारों को छूना ही खतरनाक नहीं है। परिस्थितियों के अनुसार, इनके बेहद करीब पहुंचने पर भी विद्युत आर्क के कारण करंट लगने का जोखिम हो सकता है। इसलिए लोगों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि तार को सीधे छुए बिना उसके आसपास से कोई बड़ी धातु की वस्तु ले जाना सुरक्षित है।

विशेषज्ञों की सामान्य सुरक्षा सलाह के अनुसार, बिजली की लाइनों के नीचे या आसपास कोई ऊंचा ढांचा ले जाने से पहले पर्याप्त सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि किसी वस्तु को ले जाने के दौरान बिजली की लाइन से टकराने की आशंका हो, तो उसे आगे बढ़ाने के बजाय काम रोक देना चाहिए और संबंधित बिजली विभाग से सहायता लेनी चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here