करैरा (शिवपुरी)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा के दौरान रविवार को बड़ा हादसा टल गया। कथा शुरू होने से पहले पंडाल के ऊपरी हिस्से में अचानक आग लग गई। उस समय पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे और कथा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। आग दिखाई देते ही पुलिस और सुरक्षा दल सक्रिय हो गए। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
बिजली के तारों में स्पार्किंग की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पंडाल के डोम के ऊपरी हिस्से में बिजली के तारों में स्पार्किंग होने के बाद सजावटी पर्दों ने आग पकड़ ली। आग ऊंचाई पर होने के कारण उसे बुझाने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने सीढ़ी लगाई और ऊपर पहुंचकर अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाया।
घटना के समय पंडाल में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की तत्परता महत्वपूर्ण रही। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आग को बड़े हिस्से में फैलने से रोक लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
26 बीघा में बनाया गया विशाल कथा पंडाल
करैरा के बगीचा धाम स्थित श्रीराम राजा सरकार धाम परिसर में 24 से 30 अक्टूबर तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के लिए करीब 26 बीघा क्षेत्र में विशाल डोम तैयार किया गया है। आयोजकों के अनुसार, यहां एक साथ लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के भोजन के लिए करीब आठ बीघा क्षेत्र में भोजनशाला भी बनाई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में 1200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। आयोजन के लिए 1200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई थी। आग लगने की घटना के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग बुझाने का प्रयास किया।
जांच के बाद स्पष्ट होगा आग लगने का कारण
प्रारंभिक तौर पर बिजली के तारों में स्पार्किंग को आग लगने की संभावित वजह बताया जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद पंडाल में सुरक्षा इंतजामों और बिजली की व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरतना जरूरी है।
फिलहाल, समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। कथा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली के तारों, सजावटी सामग्री और अग्निशमन व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण होगी।




