सीहोर। दीपावली का त्योहार केवल दीप जलाने, घरों को सजाने और मिठाइयां बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, सद्भाव, सेवा और आपसी अपनत्व का संदेश भी देता है। त्योहार की खुशियां तब और खास हो जाती हैं, जब इन्हें ऐसे लोगों के साथ साझा किया जाए, जिन्हें समाज के स्नेह और सहयोग की अधिक आवश्यकता है। इसी भावना को साकार करते हुए अग्रसोच सोशल फाउंडेशन (पंजी.), सीहोर ने गुरुवार को कोलीपुरा के समीप स्थित वसुंधरा विशेष विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली का पर्व मनाया।
इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ समय बिताया और मिठाइयां एवं उपहार वितरित किए। उपहार और मिठाई पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। पूरे आयोजन में स्नेह, आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण बना रहा। संस्था की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की वास्तविक खुशी दूसरों के जीवन में मुस्कान लाने और उनके साथ खुशियां साझा करने में है।
दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर मनाया दीपोत्सव
दीपावली पर सामान्यतः लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ उत्सव मनाते हैं। घरों में दीपक जलाए जाते हैं, मिठाइयां बांटी जाती हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी जाती हैं। लेकिन अग्रसोच सोशल फाउंडेशन ने इस अवसर पर विशेष विद्यालय के बच्चों के साथ त्योहार मनाकर सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी।
कोलीपुरा के समीप स्थित वसुंधरा विशेष विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को त्योहार की खुशियों में सहभागी बनाना और उनके साथ आत्मीयता के पल साझा करना था। संस्था के सदस्यों ने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें यह महसूस कराने का प्रयास किया कि वे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी खुशियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मिठाइयां और उपहार दिए गए। इन छोटी-छोटी खुशियों ने बच्चों के उत्साह को बढ़ाया। उनके चेहरों पर दिखाई देने वाली मुस्कान ने आयोजन को यादगार बना दिया।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल
कार्यक्रम का एक आकर्षक पक्ष बच्चों की प्रस्तुतियां रहीं। विशेष विद्यालय के बच्चों ने अपनी प्रतिभा और उत्साह से उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुतियों ने यह दिखाया कि प्रत्येक बच्चे के भीतर अपनी अलग प्रतिभा और कुछ नया करने की क्षमता होती है।
ऐसे आयोजनों में बच्चों को अपनी कला और प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना उनके आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण होता है। जब उनके प्रयासों को सराहना और प्रोत्साहन मिलता है, तो उनमें आगे बढ़ने की प्रेरणा पैदा होती है।
दिव्यांग बच्चों को केवल उनकी शारीरिक या मानसिक चुनौतियों के आधार पर देखना उचित नहीं है। प्रत्येक बच्चे की अपनी रुचियां, क्षमताएं और संभावनाएं होती हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित अवसर, अनुकूल वातावरण और प्रोत्साहन मिले।
वसुंधरा विशेष विद्यालय में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम ने इसी भावना को सामने रखा। बच्चों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को केवल उपहार वितरण तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे उनके साथ खुशियां साझा करने और उनकी प्रतिभा को सम्मान देने का अवसर बनाया।




