सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मंडी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने वर्ष 2022 के गांजा विक्रय से जुड़े मामले में पिछले करीब चार वर्षों से फरार चल रहे 3,000 रुपये के इनामी सह-आरोपी अफसर खां को भोपाल से पकड़ लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया गया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश की और उसे भोपाल से पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक सीहोर डॉ. अभिनंदना शर्मा के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की तलाश के लिए योजना बनाई गई थी। थाना प्रभारी मंडी निरीक्षक सुश्री अर्चना सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम को आरोपी की पतारसी कर उसे पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
चार साल पुराने मामले में पुलिस की कार्रवाई
मंडी थाना पुलिस के लिए यह मामला वर्ष 2022 से जांच और आरोपी की तलाश से जुड़ा हुआ था। गांजा विक्रय के इस प्रकरण में एक आरोपी को पहले ही पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पकड़ लिया था, जबकि उसका सह-आरोपी अफसर खां फरार चल रहा था। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मामले में उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 3,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
हाल ही में पुलिस को फरार इनामी आरोपी के भोपाल में होने की सूचना मिली। इसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम को भोपाल भेजा गया। पुलिस टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश की और उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई से वर्ष 2022 के गांजा विक्रय प्रकरण में फरार चल रहे सह-आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है।
17 नवंबर 2022 को बस स्टैंड पर पकड़ा गया था पहला आरोपी
पुलिस द्वारा साझा किए गए घटनाक्रम के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 17 नवंबर 2022 को हुई थी। उस दिन थाना मंडी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस स्टैंड पर एक संदिग्ध व्यक्ति काले रंग के बैग में अवैध गांजा रखकर उसे बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को अभिरक्षा में लिया।
पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम नरेन्द्र जाटव, उम्र 30 वर्ष, निवासी रामनगर, थाना पचोर, जिला राजगढ़ बताया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद काले रंग के बैग से 900 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।
फरार सह-आरोपी पर घोषित था 3 हजार रुपये का इनाम
इस प्रकरण में नरेन्द्र जाटव के साथ अफसर खां को सह-आरोपी बताया गया है। घटना के बाद से अफसर खां पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। फरार रहने के कारण उस पर 3,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को उसकी मौजूदगी के संबंध में सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने भोपाल पहुंचकर उसे पकड़ने की कार्रवाई की।
चार वर्षों से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस इस पुराने प्रकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। इस कार्रवाई से जांच को आगे बढ़ाने और मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आरोपी से पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई है और मामले में आगे कौन-सी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इसका विस्तृत विवरण पुलिस की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित हुई थी विशेष टीम
इस पूरी कार्रवाई में सीहोर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और विक्रय के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत फरार आरोपियों की तलाश और पुराने मामलों में लंबित कार्रवाई को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनंदना शर्मा के मार्गदर्शन में थाना मंडी पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम तैयार की। थाना प्रभारी निरीक्षक अर्चना सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर भोपाल में कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, समन्वित प्रयासों के चलते इनामी आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।
नशा विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई जारी
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री समाज तथा युवाओं के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य न केवल आरोपियों को कानून के दायरे में लाना है, बल्कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण स्थापित करना भी है। सीहोर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
थाना मंडी पुलिस की ताजा कार्रवाई में वर्ष 2022 के मामले में फरार चल रहे इनामी सह-आरोपी को भोपाल से पकड़ा गया है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस की यह कार्रवाई पुराने आपराधिक प्रकरणों में फरार आरोपियों की तलाश जारी रखने के प्रयासों को भी दर्शाती है।




