drnewsindia.com /Asian Games 2026 में भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और तनिपार्थी चिकिता की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को हराकर भारत को प्रतियोगिता का सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ भारतीय दल के कुल पदकों की संख्या भी 53 तक पहुंच गई है।
फाइनल में चीन को दी मात
महिला कंपाउंड आर्चरी के फाइनल में भारत का सामना चीन से हुआ। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। भारतीय तिकड़ी ने अपने शॉट्स में निरंतरता बनाए रखी और निर्णायक मौकों पर बेहतरीन निशाना साधा। आखिरकार भारतीय टीम ने 238 अंक हासिल करते हुए चीन के 234 अंकों के मुकाबले चार अंकों की बढ़त से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
फाइनल में भारतीय टीम की ओर से ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और तनिपार्थी चिकिता मैदान पर उतरीं। तीनों खिलाड़ियों के तालमेल और लगातार सटीक शॉट्स ने भारत को स्वर्ण पदक तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह जीत भारतीय तीरंदाजी के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि टीम ने एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित की है।
विश्व रिकॉर्ड की भी बराबरी
फाइनल में भारत के प्रदर्शन की एक और खास बात रही। भारतीय टीम ने 238 का स्कोर बनाकर मौजूदा विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। आखिरी दौर में भारतीय तीरंदाजों ने लगातार शानदार शॉट लगाए और मुकाबले को निर्णायक रूप से अपने पक्ष में कर लिया। रिपोर्टों के मुताबिक टीम ने अंतिम चरण में लगातार छह परफेक्ट 10 शॉट लगाए, जिससे उसका स्कोर विश्व रिकॉर्ड के बराबर पहुंच गया।
इस प्रदर्शन से यह भी पता चलता है कि भारतीय कंपाउंड आर्चरी टीम दबाव वाले मुकाबलों में अपनी तकनीक और एकाग्रता को किस तरह बनाए रख रही है। फाइनल जैसे मुकाबले में कुछ ही अंकों का अंतर पदक का फैसला कर सकता है, ऐसे में अंतिम दौर में लगातार सटीक शॉट लगाना भारतीय टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ।
अब भारतीय प्रशंसकों की नजर एशियन गेम्स के बाकी मुकाबलों पर रहेगी। 53 पदकों के आंकड़े तक पहुंचने के बाद भारत के पास पदक संख्या बढ़ाने के कई और मौके मौजूद हैं। महिला कंपाउंड आर्चरी टीम का स्वर्ण पदक भारतीय अभियान में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ चुका है और तीनों तीरंदाजों का प्रदर्शन इस प्रतियोगिता की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हो गया है।




