Bharat-VISTAAR: किसानों के लिए लॉन्च हुआ AI प्लेटफॉर्म, खेती से जुड़ी समस्याओं का मिलेगा डिजिटल समाधान

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drnewsindia.com /नई दिल्ली। भारतीय कृषि को तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने Bharat-VISTAAR नाम से एक नया AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी और सलाह एक ही डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार के अनुसार यह प्लेटफॉर्म वास्तविक समय और स्थान-विशिष्ट कृषि सलाह देने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए फसल प्रबंधन, मौसम, बाजार भाव, कीट एवं रोग संबंधी चेतावनी और मिट्टी की स्थिति जैसी जानकारियां किसानों तक पहुंचाने की योजना है।

क्या है Bharat-VISTAAR?

Bharat-VISTAAR को किसानों के लिए एक तरह के सिंगल डिजिटल गेटवे के रूप में विकसित किया गया है। अभी किसानों को खेती से संबंधित अलग-अलग जानकारी के लिए विभिन्न वेबसाइट, मोबाइल ऐप, विभागों या स्थानीय स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि Bharat-VISTAAR इस व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में काम करेगा।

इस प्लेटफॉर्म में सरकारी डिजिटल सिस्टम, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यानी ICAR की वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और अन्य संबंधित स्रोतों से डेटा को जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य किसान को उसकी फसल, क्षेत्र और जरूरत के अनुसार अधिक उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है।

उदाहरण के तौर पर किसान मौसम, फसल प्रबंधन, मिट्टी की स्थिति, कीट और रोग की समस्या या बाजार कीमतों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से और अधिक सेवाओं तथा भाषाओं से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है।

‘भारती’ AI असिस्टेंट करेगा किसानों की मदद

Bharat-VISTAAR की प्रमुख विशेषताओं में इसका वॉयस आधारित AI सहायक ‘भारती’ शामिल है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसान सामान्य भाषा में खेती से जुड़े सवाल पूछ सके और जवाब प्राप्त कर सके।

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक किसान 155261 नंबर पर कॉल करके भी Bharat-VISTAAR की सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल ऐप और वेब इंटरफेस के जरिए भी प्लेटफॉर्म तक पहुंच उपलब्ध है। इससे स्मार्टफोन के साथ-साथ सामान्य फोन इस्तेमाल करने वाले किसानों को भी सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

पहले चरण में टेलीफोन सेवा हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है। सरकार ने आगे और भारतीय भाषाओं को जोड़ने की योजना बनाई है। मार्च 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से क्षेत्रीय भाषाओं और राज्य-विशिष्ट कृषि योजनाओं तक विस्तार देने की योजना है।

छोटे किसानों और फीचर फोन उपयोगकर्ताओं पर भी फोकस

भारत में बड़ी संख्या में किसान ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और सभी के पास महंगे स्मार्टफोन या तेज इंटरनेट की सुविधा हो, यह जरूरी नहीं है। इसी कारण Bharat-VISTAAR में वॉयस और IVRS आधारित सुविधा पर विशेष जोर दिया गया है।

सरकार के अनुसार सामान्य फोन से भी किसान 155261 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य डिजिटल कृषि सेवाओं को केवल स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं तक सीमित न रखना है। आगे क्षेत्रीय भाषाओं का विस्तार भी इस पहुंच को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कृषि में AI का बढ़ता इस्तेमाल

Bharat-VISTAAR को कृषि में AI के इस्तेमाल की व्यापक सरकारी पहल के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है। इससे पहले भी सरकार National Pest Surveillance System जैसे डिजिटल टूल का इस्तेमाल कर रही है। इस सिस्टम में AI और मशीन लर्निंग की मदद से कीटों की पहचान और कृषि संबंधी सलाह देने की व्यवस्था है। सरकारी जानकारी के अनुसार अगस्त 2026 तक यह प्रणाली 73 फसलों और 436 कीटों को कवर कर रही थी।

इसी तरह Digital Agriculture Mission के तहत किसान आईडी, फसल सर्वेक्षण और अन्य डिजिटल कृषि डेटा तैयार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इन डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कृषि सेवाओं को अधिक लक्षित और तकनीक आधारित बनाने में करना है।

कुल मिलाकर Bharat-VISTAAR भारतीय कृषि को AI, डिजिटल डेटा और वॉयस तकनीक से जोड़ने की एक बड़ी पहल है। 150 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू हुआ यह प्लेटफॉर्म किसानों को मौसम, मंडी भाव, फसल प्रबंधन, कीट-रोग चेतावनी, मिट्टी और सरकारी योजनाओं जैसी जानकारी एकीकृत तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। 155261 हेल्पलाइन, AI सहायक ‘भारती’, मोबाइल ऐप और वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसकी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में क्षेत्रीय भाषाओं और राज्य-विशिष्ट सेवाओं के विस्तार से यह डिजिटल कृषि व्यवस्था किसानों के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है, यह इसके आगे के क्रियान्वयन और उपयोग पर निर्भर करेगा।

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