भोपाल में आज तीन बड़ी गतिविधियां: भाजपा कार्यालय में CM मोहन यादव करेंगे धनतेरस पूजन, प्रदेशभर में शुरू होगा स्वामित्व रजिस्ट्री अभियान, नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई-पेयजल पर संकट

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को राजनीतिक, प्रशासनिक और नगरीय गतिविधियों के लिहाज से दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी मौजूद रहेंगे। दूसरी ओर, प्रदेशभर में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक दिलाने के लिए शत-प्रतिशत रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत होगी। वहीं, भोपाल नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई और पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

एक ही दिन में होने वाली इन तीन प्रमुख गतिविधियों के कारण राजधानी में राजनीतिक कार्यक्रमों से लेकर आम नागरिकों की रोजमर्रा की सुविधाओं तक कई मुद्दे चर्चा में रहेंगे।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री करेंगे धनतेरस पूजन

धनतेरस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार सुबह 10 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के साथ विधिवत पूजन-अर्चन किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी रहने की संभावना है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार धनतेरस को सुख-समृद्धि और शुभ कार्यों की शुरुआत का पर्व माना जाता है। इसी अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूजा का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता पूजा-अर्चना के बाद प्रदेशवासियों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं को दीपावली की शुभकामनाएं देंगे। त्योहार के इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को पार्टी की परंपरागत गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।

स्वामित्व योजना के तहत प्रदेशभर में शुरू होगा शत-प्रतिशत रजिस्ट्री अभियान

भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शुक्रवार से एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू होने जा रहा है। प्रदेश सरकार स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों की संपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाएगी।

इस अभियान के तहत मंत्री, सांसद और विधायक अलग-अलग गांवों में पहुंचकर पात्र ग्रामीणों की संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया में शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के कानूनी मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराना है।

यह अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के माध्यम से ग्रामीणों तक योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास भी किया जाएगा।

अब तक 15 लाख 98 हजार 46 रजिस्ट्रियां पूरी

स्वामित्व योजना के तहत मध्यप्रदेश में अब तक बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीयन किया जा चुका है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अभी तक कुल 15 लाख 98 हजार 46 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।

सरकार ने इस संख्या को बढ़ाकर 15 नवंबर 2026 तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।

यदि निर्धारित लक्ष्य पूरा होता है तो प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फिलहाल 20 लाख के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगभग 4 लाख 1 हजार 954 अतिरिक्त रजिस्ट्रियां पूरी करना जरूरी है।

इस अभियान में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से संबंधित क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों की पहचान और पंजीयन प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक

स्वामित्व योजना का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व का कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार लंबे समय से अपने मकानों और संपत्तियों का उपयोग तो कर रहे हैं, लेकिन उनके पास स्वामित्व से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज नहीं होते।

ऐसी स्थिति में भविष्य में संपत्ति के विवाद, हस्तांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के दौरान परेशानी हो सकती है। स्वामित्व योजना के माध्यम से संपत्ति का रिकॉर्ड तैयार करने और पात्र लोगों को स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने में सहायता मिल सकती है। संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध होने से बैंक से कर्ज लेने और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, बैंक ऋण की मंजूरी संबंधित बैंक के नियमों, संपत्ति की पात्रता और अन्य जरूरी शर्तों पर निर्भर करेगी।

नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल से भोपाल में बढ़ सकती है परेशानी

राजधानी भोपाल में शुक्रवार को तीसरा बड़ा मुद्दा नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई और पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

नगर निगम शहर की बुनियादी नागरिक सुविधाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें कचरा संग्रहण, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई, नालियों की देखरेख तथा पेयजल आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

यदि हड़ताल के कारण इन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की नियमित गतिविधियां प्रभावित होती हैं तो इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ सकता है। खासकर धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों के समय शहर में सफाई व्यवस्था का महत्व और बढ़ जाता है।

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