नई दिल्ली। चिकनपॉक्स यानी छोटी माता एक संक्रामक बीमारी है, जिसमें त्वचा पर छोटे-छोटे दाने या पानी से भरे फफोले निकल सकते हैं। बीमारी ठीक होने के बाद भी कुछ लोगों के चेहरे पर दाग, गहरे निशान या गड्ढे रह जाते हैं। ये निशान व्यक्ति की त्वचा के प्रकार, संक्रमण की गंभीरता और घावों के ठीक होने के तरीके पर निर्भर कर सकते हैं। कई बार समय के साथ निशान हल्के पड़ने लगते हैं, लेकिन त्वचा में गहराई तक बने गड्ढों को ठीक करना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है।

चिकनपॉक्स के बाद चेहरे पर निशान दिखाई देने पर सबसे जरूरी है कि त्वचा की स्थिति को समझकर उसकी देखभाल की जाए। हर तरह के निशान के लिए एक जैसा उपचार प्रभावी नहीं होता। त्वचा पर भूरे या लाल निशान और गहरे गड्ढे अलग-अलग समस्याएं हैं, इसलिए उनका उपचार भी अलग हो सकता है। ऐसे में बिना जानकारी के कोई क्रीम, तेज केमिकल या घरेलू नुस्खा लगाने के बजाय सुरक्षित तरीके अपनाना बेहतर है।
1. चेहरे को हल्के फेसवॉश से साफ करें
चिकनपॉक्स के बाद त्वचा की सफाई जरूरी है, लेकिन इस दौरान चेहरे को जोर से रगड़ना नुकसान पहुंचा सकता है। चेहरे को साफ करने के लिए हल्के, बिना खुशबू वाले फेसवॉश या क्लींजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा पर जमा धूल, पसीना और अतिरिक्त तेल साफ करने में मदद मिलती है।
चेहरा धोते समय गुनगुने या सामान्य तापमान के पानी का इस्तेमाल करें। त्वचा को तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं। दागों को खुरचने, नाखूनों से छूने या त्वचा की ऊपरी परत को हटाने की कोशिश न करें।
2. धूप से त्वचा को बचाना जरूरी
चिकनपॉक्स के बाद बचे लाल, भूरे या गहरे निशान धूप के संपर्क में आने से अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। सूर्य की पराबैंगनी किरणें त्वचा में पिगमेंटेशन को बढ़ा सकती हैं। इसलिए निशान हल्के करने की कोशिश करते समय धूप से बचाव को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
बाहर निकलते समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा उत्पाद चुनें जो आपकी त्वचा को सूट करे। लंबे समय तक बाहर रहने पर उत्पाद के निर्देशों के अनुसार दोबारा लगाएं। टोपी, छाते और छाया का सहारा लेना भी उपयोगी हो सकता है।
3. त्वचा को मॉइस्चराइज रखें
त्वचा में नमी बनाए रखने से उसकी प्राकृतिक सुरक्षा परत को सहारा मिलता है। चिकनपॉक्स से उबरने के बाद त्वचा रूखी या संवेदनशील महसूस हो सकती है। ऐसे में बिना खुशबू वाला, त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है।
मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा का रूखापन और खिंचाव कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि मॉइस्चराइजर त्वचा को आराम देने के लिए है, गहरे गड्ढों को सीधे भरने के लिए नहीं। यदि किसी उत्पाद को लगाने के बाद जलन, खुजली या लालिमा बढ़े, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
त्वचा की जरूरत के अनुसार उत्पाद चुनना बेहतर होता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को नए उत्पाद को पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर आजमाना चाहिए। खुले या संक्रमित घावों पर कोई भी उत्पाद लगाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
4. नींबू, बेकिंग सोडा और कठोर स्क्रब से बचें
चेहरे के दाग हटाने के लिए कई घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं, लेकिन हर नुस्खा त्वचा के लिए सुरक्षित नहीं होता। नींबू का रस, बेकिंग सोडा, टूथपेस्ट और मोटे कणों वाले स्क्रब त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। कुछ पदार्थ त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं और निशानों को अधिक गहरा बना सकते हैं।
इसी तरह, दागों को जल्दी हटाने के लिए बार-बार एक्सफोलिएशन करना या बिना चिकित्सकीय सलाह के तेज एसिड वाले उत्पाद लगाना भी नुकसानदेह हो सकता है। चिकनपॉक्स के बाद संवेदनशील त्वचा पर ऐसे प्रयोग करने से बचना चाहिए।
किसी भी क्रीम या घरेलू उपाय से तुरंत दाग मिटने की उम्मीद न रखें। त्वचा को ठीक होने में समय लगता है और परिणाम निशान के प्रकार तथा उसकी गहराई पर निर्भर करते हैं।
5. दाग और गहरे गड्ढों में अंतर समझें
चिकनपॉक्स के बाद चेहरे पर रह जाने वाले सभी निशान एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों की त्वचा पर केवल रंग बदलने के निशान रहते हैं, जबकि कुछ के चेहरे पर छोटे या गहरे गड्ढे बन जाते हैं।
रंग वाले निशान: त्वचा पर लाल, गुलाबी या भूरे धब्बे दिखाई दे सकते हैं। इनमें से कई निशान समय के साथ धीरे-धीरे हल्के हो सकते हैं। धूप से बचाव और त्वचा की नियमित देखभाल इसमें सहायक हो सकती है।
गहरे गड्ढे: यदि घाव भरने के दौरान त्वचा के नीचे मौजूद ऊतकों को नुकसान पहुंचा हो, तो त्वचा की सतह पर गड्ढे बन सकते हैं। केवल फेसवॉश या मॉइस्चराइजर से ऐसे निशान पूरी तरह हटना संभव नहीं होता।
6. कब त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें?
यदि चिकनपॉक्स के बाद चेहरे पर गहरे गड्ढे रह गए हैं, निशान लंबे समय तक बने हुए हैं या त्वचा की बनावट में स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है, तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना उपयोगी हो सकता है। विशेषज्ञ यह पहचानने में मदद कर सकते हैं कि समस्या पिगमेंटेशन की है, स्थायी निशानों की है या किसी अन्य त्वचा संबंधी स्थिति की।
यदि घाव ठीक होने के बजाय बिगड़ रहे हों, त्वचा पर पस आ रही हो, दर्द बढ़ रहा हो या बुखार बना हुआ हो, तो जल्द चिकित्सकीय जांच कराएं। आंखों के आसपास घाव या आंख से जुड़ी परेशानी होने पर भी तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
चिकनपॉक्स के बाद चेहरे पर रह गए दागों की देखभाल करते समय जल्दबाजी करने के बजाय सही तरीका अपनाना जरूरी है। हल्के फेसवॉश से सफाई, त्वचा को मॉइस्चराइज रखना, धूप से बचाव और कठोर घरेलू नुस्खों से दूरी बनाना त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, गहरे गड्ढों के लिए अलग उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के अनुभव के आधार पर क्रीम या उपचार चुनना सही नहीं है। यदि निशान गहरे हैं या लंबे समय से बने हुए हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेकर उपयुक्त विकल्प चुनें। नियमित और सुरक्षित देखभाल से त्वचा की स्थिति में सुधार लाने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन किसी भी उपचार से पूरी तरह निशान मिटने की गारंटी नहीं दी जा सकती।




