भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। पार्टी के केंद्रीय संगठन ने बुधवार को उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की। पुरी 30 अक्टूबर को भोपाल पहुंचेंगे और 31 अक्टूबर को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
यह सीट पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। भाजपा ने इस रिक्त सीट पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। वहीं, कांग्रेस की ओर से अभी तक उम्मीदवार को लेकर कोई घोषणा सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने बुधवार तक नामांकन पत्र भी नहीं खरीदा था।
हरदीप सिंह पुरी के नाम पर भाजपा की मुहर
भाजपा के केंद्रीय संगठन ने बुधवार को हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार घोषित किया। इस फैसले के साथ ही उनके राज्यसभा जाने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
पुरी केंद्र सरकार में पेट्रोलियम मंत्री हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्य प्रदेश से उनकी उम्मीदवारी घोषित होने के बाद राज्यसभा सीट को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों को नई दिशा मिली है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी 30 अक्टूबर को भोपाल आएंगे। इसके अगले दिन यानी 31 अक्टूबर को वे विधानसभा परिसर में संबंधित निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन प्रक्रिया राज्यसभा उपचुनाव का महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें उम्मीदवार को निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्य प्रदेश कोटे की यह राज्यसभा सीट पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। इसी रिक्ति को भरने के लिए चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
राज्यसभा में राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों का चुनाव संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित विधायकों द्वारा किया जाता है। इस व्यवस्था में आम मतदाता सीधे राज्यसभा सदस्य का चुनाव नहीं करते, बल्कि विधानसभा के सदस्य निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदान करते हैं।
इसलिए मध्य प्रदेश में राज्यसभा की इस सीट के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों की संख्या महत्वपूर्ण है। किसी उम्मीदवार की जीत के लिए आवश्यक समर्थन की गणना विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या और लागू चुनावी नियमों के आधार पर की जाती है।
नाम की घोषणा से पहले ही खरीदा गया नामांकन पत्र
इस घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा होने से पहले ही भाजपा की ओर से नामांकन पत्र खरीद लिया गया था।
बुधवार सुबह भाजपा के चुनाव कार्य प्रभारी एसएस उप्पल विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंचे और नामांकन पत्र खरीदा। उस समय तक पार्टी की ओर से उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।
बाद में भाजपा के केंद्रीय संगठन ने हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इससे स्पष्ट हुआ कि पार्टी ने नामांकन प्रक्रिया की तैयारी पहले ही शुरू कर दी थी।
भाजपा के पास 165 विधायक, कांग्रेस के 65
राज्यसभा की इस सीट के चुनाव में विधानसभा का संख्याबल अहम माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास निर्मला सप्रे समेत 165 विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस के पास 65 विधायक बताए गए हैं।
जीत के लिए 115 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता बताई गई है। इन आंकड़ों को देखते हुए भाजपा उम्मीदवार की स्थिति मजबूत दिखाई देती है। भाजपा के पास बताए गए विधायकों की संख्या आवश्यक समर्थन से अधिक है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसने बुधवार तक नामांकन पत्र भी नहीं खरीदा था। ऐसे में विपक्ष की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने या चुनाव को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाई जाएगी, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
उत्तर प्रदेश से कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त
हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश से उनका राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में मध्य प्रदेश की रिक्त सीट के लिए उनकी उम्मीदवारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि वे इस चुनाव में निर्वाचित होते हैं, तो राज्यसभा में उनका प्रतिनिधित्व मध्य प्रदेश से होगा।
राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल और राज्यों से उनका प्रतिनिधित्व संवैधानिक एवं निर्वाचन नियमों के अनुसार निर्धारित होता है। किसी रिक्त सीट पर उपचुनाव होने की स्थिति में नए सदस्य का निर्वाचन संबंधित सीट के शेष कार्यकाल या लागू नियमों के अनुरूप किया जाता है।
31 अक्टूबर के नामांकन पर टिकी नजरें
हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद अब 31 अक्टूबर को उनके नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। भाजपा ने उम्मीदवार का नाम घोषित कर अपनी तैयारी स्पष्ट कर दी है। वहीं, कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार और चुनावी रणनीति को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में उपलब्ध संख्याबल भाजपा के पक्ष में दिखाई देता है। ऐसे में राज्यसभा की इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। इसके बावजूद नामांकन, दस्तावेजों की जांच और निर्वाचन प्रक्रिया के अन्य चरण पूरे होना आवश्यक है।
मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। वे 30 अक्टूबर को भोपाल पहुंचेंगे और 31 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे। यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। विधानसभा में भाजपा के 165 और कांग्रेस के 65 विधायक होने की जानकारी के बीच चुनावी मुकाबले की दिशा काफी हद तक स्पष्ट दिखाई देती है। अब नामांकन और निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे।






