MP में गेहूं खरीदी अब 1 अप्रैल से: पीपी बैग की कमी ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, तारीख में हुआ बदलाव

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भोपाल (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खबर है। प्रदेश में इस साल गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है। पहले 16 मार्च से शुरू होने वाली गेहूं खरीदी अब 1 अप्रैल से प्रारंभ होगी। इस देरी का मुख्य कारण पेट्रोलियम उत्पादों से बनने वाले पीपी (पॉलीप्रोपाइलीन) बैग की भारी कमी बताया जा रहा है।

क्यों टली खरीदी की तारीख?

मध्य प्रदेश सरकार ने इस साल जूट के बोरों के स्थान पर गेहूं भंडारण के लिए पीपी बैग के इस्तेमाल का निर्णय लिया था। चूँकि ये बैग पेट्रोलियम उत्पादों से तैयार होते हैं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की परिस्थितियों और उत्पादन संबंधी बाधाओं के कारण इन बैगों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। पर्याप्त मात्रा में बोरों की उपलब्धता न होने के कारण सरकार ने खरीदी की तारीख को 15 दिन आगे खिसकाने का फैसला लिया है।

भंडारण और उत्पादन का संकट

गेहूं की बंपर पैदावार को देखते हुए सरकार को लाखों पीपी बैग की आवश्यकता है। खरीदी शुरू होने से पहले केंद्रों पर पर्याप्त बोरों की मौजूदगी अनिवार्य होती है ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद तुलाई और पैकिंग में परेशानी न हो। वर्तमान में बैग का उत्पादन प्रभावित होने से भंडारण व्यवस्था डगमगाने की आशंका जताई जा रही है।

प्रमुख बिंदु:

  • नई तारीख: 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीदी।
  • बदलाव का कारण: अंतरराष्ट्रीय कारणों से पीपी (पॉलीप्रोपाइलीन) बैग की किल्लत।
  • पुरानी व्यवस्था: पहले जूट के बोरों का उपयोग होता था, इस बार पीपी बैग का चयन किया गया है।
  • किसानों पर असर: तारीख आगे बढ़ने से किसानों को अपनी फसल घर या खलिहानों में कुछ और दिन सुरक्षित रखनी होगी।

विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि यदि 1 अप्रैल तक बैग की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो मंडियों में अव्यवस्था फैल सकती है। हालांकि, शासन स्तर पर युद्ध स्तर पर बैग जुटाने के प्रयास जारी हैं।

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