drnewsindia.com / भोपाल / मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लागू करने की दिशा में मोहन सरकार ने अपने कदम तेजी से बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़े कार्यक्रम के दौरान एलान किया कि राज्य में जल्द ही यूसीसी (UCC) लागू की जाएगी। इसके लिए सरकार ने बाकायदा एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है और आम जनता से राय लेने के लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है।
⚖️ महिलाओं को मिलेगा बड़ा अधिकार: विवाह और तलाक के नियमों में समानता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए यूसीसी बेहद जरूरी है।
- पारिवारिक मामलों में समानता: फिलहाल शादी, तलाक और संपत्ति जैसे पारिवारिक मामले अलग-अलग धार्मिक और पारंपरिक नियमों के आधार पर चलते हैं। यूसीसी आने के बाद सबके लिए एक समान कानून होगा।
- महिलाओं को बड़ी राहत: सीएम ने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े विवाह विच्छेद (तलाक) जैसे मामलों में यूसीसी लागू होने के बाद उन्हें पुरुषों के समान अधिकार और बड़ी कानूनी राहत मिल सकेगी।

👥 एक्सपर्ट कमेटी कर रही है अध्ययन
सरकार बिना किसी जल्दबाजी के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। इसके लिए बनाई गई कमेटी में शामिल हैं:
हाई-लेवल कमेटी: सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त (Retired) न्यायाधीश, कानूनी विद्वान और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ। यह समिति अलग-अलग धर्मों, समुदायों और वर्गों के लोगों से लगातार संवाद कर सुझाव जुटा रही है।
💻 मुख्यमंत्री की अपील
उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश इस बड़े सुधार के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से इस ऐतिहासिक फैसले में भागीदार बनने की अपील की है।
| राज्य का नाम | यूसीसी (UCC) पर स्थिति |
| उत्तराखंड | कदम बढ़ाए / कानून की दिशा में आगे |
| गुजरात और असम | प्रक्रिया और अध्ययन जारी |
| मध्य प्रदेश | समिति गठित, जनता से मांगे सुझाव |
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा, “सरकार ने सुझावों के लिए जो आधिकारिक वेबसाइट शुरू की है, उस पर जाकर नागरिक अपने विचार और बहुमूल्य सुझाव दर्ज जरूर करें। व्यापक जनभागीदारी के आधार पर ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।”
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