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भोपाल | मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार आज किसानों के हित में एक बड़ा फैसला ले सकती है। मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में राज्य में दलहन (दालों) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष बोनस देने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को दाल उत्पादन में देश का नंबर-1 राज्य बनाना है।
प्रमुख बिंदु: कैबिनेट बैठक के संभावित बड़े फैसले
- किसानों को बोनस: मूंग, तुअर और उड़द जैसी दलहनी फसलों पर राज्य सरकार अतिरिक्त बोनस देने की तैयारी में है।
- रकबा बढ़ाने पर जोर: धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों में दलहन की बुआई के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- योजनाओं की निरंतरता: विभिन्न विभागों की पुरानी योजनाओं को आगे जारी रखने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल सकती है।

“2031 तक आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य” केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के तहत देश में दालों का उत्पादन 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है।

क्यों खास है यह फैसला?
- आर्थिक मजबूती: बोनस मिलने से किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
- मिट्टी की उर्वरता: दलहन की फसलें जमीन की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाती हैं, जिससे अगली फसल को भी फायदा होता है।
- रोजगार: उत्पादन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर दाल मिलों और व्यापार को गति मिलेगी।
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