भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं और अगले कुछ दिनों में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है। दिन के समय तेज धूप निकलने से गर्मी का अहसास बढ़ सकता है, जबकि रात के तापमान में गिरावट के कारण लोगों को अपेक्षाकृत ठंडक महसूस होगी। इस बीच 5 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
अगले तीन दिन मौसम रहेगा मुख्य रूप से साफ
प्रदेश में अगले तीन दिनों के मौसम को लेकर फिलहाल बारिश की बड़ी गतिविधि की संभावना नहीं है। दिन में आसमान साफ रहने और धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है। अक्टूबर की शुरुआत में दिन के समय धूप का असर बढ़ना सामान्य मौसमी बदलाव का हिस्सा है। वहीं, रात के समय तापमान में अपेक्षाकृत गिरावट आने से सुबह और देर रात ठंडक महसूस हो सकती है।
इस तरह आने वाले दिनों में प्रदेश के लोगों को दिन में गर्मी और रात में ठंडक का मिला-जुला मौसम देखने को मिल सकता है। मौसम में यह बदलाव मानसून के अंतिम चरण और उसके बाद के संक्रमण काल की ओर संकेत करता है।
5 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आसार
मौसम विकास केंद्र के अनुसार, 5 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना को हल्की गतिविधि के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मतलब यह है कि प्रदेश में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कुछ पूर्वी इलाकों में स्थानीय स्तर पर बारिश का दौर बना रह सकता है। इसलिए मानसून की विदाई का अर्थ यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में एक साथ बारिश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति में अंतर देखने को मिल सकता है।
इस सीजन सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन अब तक कुल 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य बारिश की तुलना में करीब 4 प्रतिशत कम है। यानी प्रदेश में इस बार कुल बारिश सामान्य के आसपास रही, लेकिन सामान्य औसत से कुछ कमी दर्ज की गई है।
बारिश के इस आंकड़े का असर अलग-अलग जिलों में एक जैसा नहीं रहा है। मानसून के दौरान कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की गई। मानसून की विदाई के करीब पहुंचने के साथ अब मौसमी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश अब मानसून की विदाई के चरण में प्रवेश करने वाला है। अगले तीन दिन अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है, जबकि 5 अक्टूबर को पूर्वी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ग्वालियर-चंबल और उज्जैन से मानसून की वापसी शुरू होने के बाद इसका असर धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य संभागों में दिखाई दे सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रदेश से पूरी विदाई 10 अक्टूबर तक होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मध्य प्रदेश में अक्टूबर के बदलते मौसम के साथ दिन में गर्मी और रात में ठंडक का प्रभाव और बढ़ सकता है।




