MP Outsource Employees Protest: मांगें नहीं मानीं तो 26 अक्टूबर को भोपाल में 5 लाख कर्मचारियों का महाप्रदर्शन, सरकार को अल्टीमेटम

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drnewsindia.com

भोपाल: मध्यप्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के बैनर तले रविवार को भोपाल के अंबेडकर पार्क में आयोजित शक्ति प्रदर्शन में कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर को भोपाल में 5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी और श्रमिक प्रदेशव्यापी महाप्रदर्शन करेंगे।

आंदोलन की शुरुआत 17 अगस्त से होगी। इस दिन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

प्रदेशभर से जुटे हजारों कर्मचारी

भोपाल में आयोजित प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों कर्मचारी शामिल हुए। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजन नायर ने कहा कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा नहीं मिल रही है, जो उनके साथ अन्याय है।

वहीं, प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने बताया कि प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया है।

46 सूत्रीय मांगों पर सरकार से फैसला चाह रहे कर्मचारी

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पृथक आउटसोर्स निगम या मंडल का गठन, स्पष्ट आउटसोर्स नीति, सेवा शर्तों का निर्धारण, समान कार्य के लिए समान वेतन, न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। बिजली वितरण कंपनियों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने जोखिम भत्ता और अन्य सुविधाओं की मांग भी उठाई है।

बिजली कर्मचारियों ने भी खोला मोर्चा

मप्र बाह्य स्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन के बैनर तले बिजली वितरण कंपनियों के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी अंबेडकर मैदान में प्रदर्शन किया। संगठन अध्यक्ष शिवनारायण राजपूत ने कहा कि सरकार और ऊर्जा विभाग के साथ कई दौर की बैठकें तथा दो ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, जोखिम भत्ता बढ़ाने और पूरे प्रदेश में ईएसआईसी सुविधा लागू करने की मांग दोहराई।

आज से पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

इधर, मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने भी सोमवार से कुछ जिलों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, खसरा-खतौनी, गिरदावरी और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। संघ ने भी सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

Highlights

  • 26 अक्टूबर को भोपाल में 5 लाख कर्मचारियों के महाप्रदर्शन की चेतावनी।
  • 17 अगस्त से जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन अभियान।
  • 46 सूत्रीय मांगों में समान वेतन, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख।
  • बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
  • पटवारी संघ ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया।

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