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मध्य प्रदेश / मध्य प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के आधे हिस्से में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में भीषण गर्मी अपना असर दिखा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
🚩 आज इन 28 जिलों में ‘येलो अलर्ट’
बुधवार को प्रदेश के इन जिलों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बौछारें गिर सकती हैं:
- ग्वालियर-चंबल: ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड।
- महाकौशल: जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा।
- विंध्य: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर।
- बुंदेलखंड/शहडोल: शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी।
☀️ इन जिलों में तपेगा सूरज (गर्मी का अलर्ट)
प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में दिन के समय तेज गर्मी का प्रभाव बना रहेगा:
प्रमुख जिले: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, रतलाम, देवास, शाजापुर, और नर्मदापुरम संभाग।
📊 तापमान का हाल: कहाँ कितनी गर्मी?
मंगलवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान कुछ इस तरह रहा:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | स्थिति |
| खरगोन | 42.0° | सबसे गर्म |
| खंडवा | 41.5° | भीषण गर्मी |
| उज्जैन | 38.0° | सामान्य |
| इंदौर | 37.6° | सामान्य |
| भोपाल | 37.2° | सामान्य |
| जबलपुर | 37.0° | सामान्य |
| नौगांव | 33.5° | सबसे कम |

🔍 क्यों बदला है मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में तीन सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:
- चक्रवात (Cyclonic Circulation): प्रदेश के मध्य भाग में सक्रिय।
- ऊपरी सिस्टम: प्रदेश के उत्तरी हिस्से में एक और चक्रवात सक्रिय है।
- ट्रफ लाइन: पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो नमी ला रही है।
अगला बदलाव: 10 मई से एक और नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे बारिश का यह दौर आगे भी बढ़ सकता है।

🏙️ बड़े शहरों का ‘मई ट्रेंड’ (ऐतिहासिक रिकॉर्ड)
- ग्वालियर: यहाँ गर्मी सबसे ज्यादा रहती है। 1947 में पारा 48.3°C तक जा चुका है।
- भोपाल: पिछले 10 सालों में यहाँ मई में हर साल बारिश हुई है। 2016 में रिकॉर्ड 46.7°C तापमान रहा था।
- इंदौर: पिछले साल मई में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
- उज्जैन: यहाँ मई में गर्मी और बारिश दोनों का मिला-जुला असर रहता है।
खेती-किसानी की सलाह: आंधी और बारिश की संभावना को देखते हुए किसान भाई कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
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