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भोपाल। मध्य प्रदेश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां रीवा, ग्वालियर और सतना जैसे जिलों में आंधी-बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी का असर बरकरार है।
आज इन 21 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 21 जिलों में धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें शामिल हैं:
- ग्वालियर-चंबल संभाग: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया।
- बुंदेलखंड-बघेलखंड: टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर।
- महाकौशल: शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट।
भोपाल-इंदौर में पारा 40 डिग्री के पार
जहां पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बारिश का दौर है, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 34 जिलों में लू जैसा अहसास बना रहेगा। यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहने का अनुमान है।

क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं—एक प्रदेश के मध्य भाग में और दूसरा ऊपरी हिस्से में। साथ ही एक ट्रफ लाइन पूर्वी हिस्से से गुजर रही है।
- अगले 2 दिन: कुछ जिलों में आंधी-बारिश जारी रहेगी।
- 10 मई से बदलाव: एक नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे 10 और 11 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा।

बड़े शहरों में मई का ऐतिहासिक ‘ट्रेंड’
| शहर | रिकॉर्ड तोड़ गर्मी | बारिश का इतिहास |
| भोपाल | 46.7°C (2016) | पिछले 10 सालों से हर साल मई में बारिश हुई है। |
| ग्वालियर | 48.3°C (1947) | यहां गर्मी सबसे ज्यादा पड़ती है, लेकिन पिछले साल 2.5 इंच पानी गिरा था। |
| इंदौर | 46.0°C (1994) | पिछले साल मई के महीने में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई थी। |
| जबलपुर | 46.7°C (1954) | मई में बारिश का पक्का ट्रेंड है; 2021 में 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। |
| उज्जैन | 46.0°C (2010) | यहां गर्मी और बारिश दोनों का मिला-जुला असर रहता है। |





