राहुल गांधी ने 24 घंटे बाद फिर PM मोदी को दी बहस की चुनौती, बोले- डरिए मत; मोहन भागवत को बना लीजिए जज

0
2

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने के 24 घंटे बाद एक बार फिर अपना हमला तेज कर दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री से कहा कि वे किसी भी मंच और किसी भी स्थान का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने खुली चर्चा होनी चाहिए। राहुल ने अपने संदेश में कहा, ”डरिए मत, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।” उन्होंने यहां तक प्रस्ताव दिया कि यदि प्रधानमंत्री चाहें तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को इस बहस का निर्णायक बनाया जा सकता है।

राहुल गांधी की इस चुनौती ने कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को नया मोड़ दे दिया है। इस बार उन्होंने केवल कथित विदेशी संबंधों और विपक्ष को देशविरोधी बताए जाने के मुद्दे तक अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि अमेरिका के साथ हुई डील, देश की वित्तीय व्यवस्था, अडाणी मामले और जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवाद को भी बहस के एजेंडे में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।

24 घंटे बाद राहुल गांधी का प्रधानमंत्री को दूसरा संदेश

राहुल गांधी ने 3 नवंबर को एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी ओर से खुली बहस की चुनौती दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रधानमंत्री की तरफ से इस प्रस्ताव पर सहमति सामने नहीं आई है।

राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष पर देशविरोधी होने और विदेशी ताकतों से संबंध रखने जैसे आरोप लगाते हैं। ऐसे में उन्हें सामने आकर इन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद का कोई भी मंच और स्थान तय कर सकते हैं। बहस में यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर देशविरोधी कौन है, विदेशी ताकतों से किसके संबंध हैं और उन संबंधों की वास्तविक प्रकृति क्या है।

मोहन भागवत को जज बनाने का प्रस्ताव

राहुल गांधी ने अपनी चुनौती में बहस के प्रारूप को लेकर भी एक दिलचस्प प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान दोनों नेता आमने-सामने एक टेबल पर बैठेंगे। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे और दूसरी तरफ राहुल गांधी।

इस चर्चा में मीडिया के प्रतिनिधियों और देश के युवाओं को भी मौजूद रखने की बात कही गई। राहुल ने कहा कि बहस के लिए निर्णायक या जज चुनने का अधिकार भी प्रधानमंत्री को दिया जा सकता है।

उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो उन्हें भी इस चर्चा का जज बना सकते हैं।

इस प्रस्ताव के जरिए राहुल ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उन्हें बहस के मंच, स्थान या निर्णायक के चयन पर कोई आपत्ति नहीं है। उनका जोर इस बात पर है कि प्रधानमंत्री सार्वजनिक रूप से उनके सवालों का जवाब दें।

अडाणी मामले और एपस्टीन का भी किया जिक्र

राहुल गांधी ने अपने वीडियो में गौतम अडाणी से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अडाणी मामले को बंद क्यों किया गया और इस संबंध में क्या परिस्थितियां रहीं।

इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। राहुल ने कहा कि इन सभी विषयों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने देश की वित्तीय व्यवस्था और आर्थिक ढांचे से जुड़े सवालों को भी बहस का हिस्सा बनाने की बात कही। उनके मुताबिक, केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बात स्पष्ट नहीं होगी, बल्कि संबंधित मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चा जरूरी है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि राहुल गांधी द्वारा इन मामलों का उल्लेख करना अपने आप में किसी आरोप की पुष्टि नहीं है। अडाणी मामले और एपस्टीन से जुड़े संदर्भों पर तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाबों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

विदेशी ताकतों के आरोपों से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद

दरअसल, राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच यह बयानबाजी विपक्ष और विदेशी ताकतों से जुड़े आरोपों के बाद तेज हुई है।

राहुल गांधी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आने और पद पर बने रहने के लिए विदेशी ताकतों की मदद पर निर्भर रहे हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने गुजरात दौरे के दौरान विपक्ष का नाम लिए बिना ऐसे तत्वों पर निशाना साधा था, जिन पर देश में अस्थिरता फैलाने के लिए झूठ और अफवाहों का सहारा लेने का आरोप लगाया गया।

इसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के आरोपों को चुनौती देते हुए सार्वजनिक बहस का प्रस्ताव रखा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here