कौन थे रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल? MP में कलेक्टर से लेकर DG तक संभाला पद, भोपाल में घर के अंदर हत्या से हड़कंप

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1982 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके सूरज नगर स्थित आवास में हत्या ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। रातीबड़ थाना क्षेत्र में हुई इस घटना की जांच पुलिस कई एंगल से कर रही है। शुरुआती जांच में घर पर हाल ही में काम पर रखे गए केयरटेकर वरुण कुमार पर संदेह जताया गया था। घटना के बाद उसके लापता होने से जांच का फोकस उसी दिशा में गया। पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश शुरू की है।

कौन थे राकेश अग्रवाल?

राकेश अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के आईएएस अधिकारी थे। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार उनका जन्म 2 जून 1956 को हुआ था। प्रशासनिक सेवा में आने के साथ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी मजबूत अकादमिक पृष्ठभूमि बनाई थी। उनके पास एलएलबी की डिग्री थी। इसके अलावा उन्होंने राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए की पढ़ाई की थी।

आईएएस के रूप में उनका प्रशासनिक करियर तीन दशक से अधिक समय तक चला। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश शासन और प्रशासन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उनके कार्यकाल में जिला कलेक्टर के अलावा उप सचिव, संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव, निदेशक, प्रबंध निदेशक, सचिव और प्रमुख सचिव जैसे पद शामिल रहे। इस तरह उनका अनुभव जिला प्रशासन से लेकर राज्य शासन के उच्च स्तर तक फैला हुआ था।

कलेक्टर से लेकर प्रशासनिक अकादमी के DG तक

राकेश अग्रवाल के करियर की खास बात यह रही कि उन्होंने प्रशासन के अलग-अलग स्तरों पर काम किया। जिला कलेक्टर के रूप में जहां उनके सामने जिले के प्रशासन, विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े दायित्व रहे होंगे, वहीं राज्य शासन में सचिव और प्रमुख सचिव स्तर की भूमिकाओं में नीतिगत एवं विभागीय जिम्मेदारियां भी संभालीं।

उनके करियर का एक प्रमुख पड़ाव भोपाल स्थित आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी रहा। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 1 दिसंबर 2011 से 30 जून 2016 तक इस अकादमी के महानिदेशक यानी DG के रूप में काम किया। यह संस्थान प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़ा है। राकेश अग्रवाल का अंतिम प्रमुख प्रशासनिक दायित्व इसी संस्था से जुड़ा बताया जाता है।

इस घटना ने एक लंबे प्रशासनिक करियर वाले पूर्व अधिकारी की सुरक्षा और राजधानी में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े सवाल भी सामने ला दिए हैं। हालांकि इन व्यापक सवालों पर किसी निष्कर्ष से पहले पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष और आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार करना जरूरी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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