Salman Khan की ‘मातृभूमि’ में दिखेगा महा-धमाका: 200 डांसर्स के साथ भाईजान का डांस, लद्दाख में बिना जिम के बनाई फौलादी बॉडी

0
6

drnewsindia.com

मनोरंजन डेस्क (drnewsindia.com): बॉलीवुड के ‘भाईजान’ यानी सलमान खान इन दिनों अपनी आने वाली हाई-ऑक्टेन एक्शन और देशभक्ति से भरपूर फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। इसी बीच फिल्म के गानों और सलमान खान की कड़ी मेहनत को लेकर एक बड़ा और दिलचस्प खुलासा हुआ है। फिल्म के मशहूर कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने भाईजान के साथ एक ग्रैंड सॉन्ग सीक्वेंस की शूटिंग के अनुभवों को साझा किया है।

मुदस्सर खान के मुताबिक, इस फिल्म में सलमान खान का परफॉर्मेंस एक अलग ही लेवल पर देखने को मिलने वाला है।

5 दिन की शूटिंग और 200 डांसर्स के साथ ‘भाईजान’ का स्वैग

कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने हाल ही में ‘मातृभूमि’ के एक बहुत बड़े और भव्य गाने की शूटिंग पूरी की है। उन्होंने बताया कि इस गाने को बड़े पैमाने पर फिल्माया गया है:

  • 5 दिनों तक चली शूटिंग: इस धमाकेदार गाने को परफेक्ट बनाने के लिए लगातार 5 दिनों तक सेट पर कड़ी मेहनत की गई।
  • 200 बैकग्राउंड डांसर्स: गाने की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें सलमान खान के साथ 200 प्रोफेशनल डांसर्स ने कदम से कदम मिलाया है।
  • मुदस्सर ने दावा किया है कि सलमान खान ने इस गाने में बेहद एनर्जेटिक, शानदार और स्क्रीन प्रेजेंस से भरपूर डांस परफॉर्मेंस दी है, जो थिएटर्स में तालियां बटोरने वाली है।

लद्दाख की वादियों में सलमान का सबसे कठिन वर्कआउट

‘मातृभूमि’ में अपने देशप्रेमी और फौजी किरदार में पूरी तरह ढलने के लिए 60 की उम्र के करीब पहुंच रहे सलमान खान ने अपने शरीर पर अविश्वसनीय मेहनत की है।

फिल्म का एक बड़ा हिस्सा लद्दाख की अत्यधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन वाली कठिन वादियों में 45 दिनों तक शूट किया गया। वहां लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के कारण भारी जिम मशीनें ले जाना नामुमकिन था। ऐसे में सलमान खान ने हार नहीं मानी; उन्होंने बिना किसी मशीनी सपोर्ट के केवल अपने बॉडी वेट (Bodyweight) और बेहद कड़े देसी व्यायामों (Calisthenics) की मदद से वर्कआउट किया। इसे सलमान के अब तक के सबसे मुश्किल फिटनेस रूटीन में से एक माना जा रहा है।

‘बैटल ऑफ गलवां’ से क्यों बदला गया फिल्म का नाम?

सिनेमा लवर्स के लिए एक और बड़ी जानकारी यह है कि इस फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवां’ (Battle of Galwan) रखा गया था। हालांकि, बाद में इसे बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया गया।

फिल्म के निर्देशक अपूर्वा लखिया के अनुसार, ‘मातृभूमि’ नाम इसलिए चुना गया क्योंकि यह शीर्षक फिल्म की आत्मा और इसके गहरे भावनात्मक (Emotional) पहलू को ज्यादा बेहतर और बड़े कैनवास पर दिखाता है।

रिलीज़ डेट अपडेट: यह फिल्म पहले 17 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली थी। लेकिन कुछ पैचवर्क (बचे हुए सीन्स) की शूटिंग और हाई-लेवल विजुअल इफेक्ट्स (VFX/इफेक्ट्स) व एडिटिंग के काम के चलते अब इसकी रिलीज में थोड़ा सा विलंब हो सकता है। मेकर्स जल्द ही नई रिलीज डेट का एलान करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here