भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में राज्य को लगभग ₹40 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इन निवेशों से 34 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कॉन्क्लेव में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहा।
भोपाल में बनेगा ₹20 हजार करोड़ का AI-रेडी डेटा सेंटर
कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी घोषणा स्पेन की सबमर ग्रुप द्वारा भोपाल में लगभग ₹20 हजार करोड़ की लागत से AI-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने की रही। यह परियोजना करीब 5 हजार प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराएगी और मध्यप्रदेश को डेटा सेंटर हब के रूप में नई पहचान देगी।

इंदौर-भोपाल में नए आईटी पार्क, ग्वालियर बनेगा टेलीकॉम हब
मुख्यमंत्री ने इंदौर के सुपर कॉरिडोर और भोपाल में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित करने की घोषणा की। इसके अलावा ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब, सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एवीजीसी-एक्सआर सेंटर तथा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
विदेशी निवेश को मिली गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्पेन, कनाडा, अमेरिका, जापान, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों की कंपनियों की ₹28,200 करोड़ से अधिक की निवेश परियोजनाएं अब ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
20 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने 20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित इकाइयों का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में ₹178.70 करोड़ का निवेश होगा और 1,229 नए रोजगार सृजित होंगे। साथ ही 8 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र भी सौंपे गए।

Google Play के साथ हुआ समझौता
राज्य सरकार ने Google Play के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में सहयोग के लिए महत्वपूर्ण एमओयू भी किया। इसके अलावा भोपाल में ₹422 करोड़ की पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग परियोजना को मंजूरी दी गई, जिससे 314 प्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे।
मुख्यमंत्री का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, डिजिटल टेक्नोलॉजी और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल और उद्योग-मित्र नीतियों के कारण प्रदेश देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी निवेश केंद्रों में शामिल हो रहा है।





