सीहोर। विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से सीहोर में ‘सृजन संवाद’ कार्यक्रम के तहत एक शैक्षणिक गतिविधि आयोजित की गई। कार्यक्रम के द्वितीय चरण के अंतर्गत चंद्रशेखर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को थाना कोतवाली का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को पुलिस के कामकाज और उसकी दैनिक प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
यह कार्यक्रम सीहोर पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलेज के 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। थाने के भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और पुलिस व्यवस्था को लेकर उनकी समझ को बेहतर बनाना था।
पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर
पुलिस थाने का नाम सुनते ही आमतौर पर लोगों के मन में अपराध, शिकायत, जांच और कानूनी कार्रवाई जैसी बातें आती हैं। हालांकि, पुलिस थाने की जिम्मेदारियां इससे कहीं अधिक व्यापक होती हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों की शिकायतों पर कार्रवाई करना, अपराधों की रोकथाम करना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस के प्रमुख दायित्वों में शामिल है।
‘सृजन संवाद’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस भ्रमण से विद्यार्थियों को पुलिस की जिम्मेदारियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। कक्षा में पढ़ाई जाने वाली नागरिक व्यवस्था और कानून से संबंधित जानकारियों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर समझने के लिए इस तरह की गतिविधियां उपयोगी साबित हो सकती हैं।
40 छात्र-छात्राओं ने लिया भाग
इस शैक्षणिक भ्रमण में चंद्रशेखर कॉलेज के कुल 40 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों की भागीदारी कार्यक्रम के उस उद्देश्य को दर्शाती है, जिसके तहत युवाओं को पुलिस व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा से संबंधित विषयों के बारे में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए थाना भ्रमण केवल किसी सरकारी कार्यालय को देखने तक सीमित नहीं है। ऐसे अवसरों पर उन्हें प्रशासनिक संस्थाओं की भूमिका को समझने और समाज में उनकी उपयोगिता के बारे में जानने का मौका मिलता है।
युवावस्था में कानून, अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी होना महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पुलिस और नागरिकों के बीच संबंधों को समझना उन्हें एक जागरूक नागरिक बनने की दिशा में मदद कर सकता है।
‘सृजन संवाद’ कार्यक्रम का उद्देश्य
सीहोर पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में संचालित ‘सृजन संवाद’ कार्यक्रम का यह द्वितीय चरण है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को पुलिस व्यवस्था से परिचित कराने के लिए थाना कोतवाली का भ्रमण कराया गया।
पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर संवाद किसी भी समाज में कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। जब नागरिक पुलिस की जिम्मेदारियों और काम करने के तरीके को समझते हैं, तो उनके लिए प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ना आसान हो सकता है।
विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं के बीच पुलिस को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए संवाद आधारित कार्यक्रम उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं। इससे पुलिस व्यवस्था के प्रति जानकारी बढ़ने के साथ-साथ नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद के अवसर भी विकसित होते हैं।
पुलिस और विद्यार्थियों के बीच संवाद का महत्व
पुलिस तथा विद्यार्थियों के बीच संवाद स्थापित करने का महत्व केवल कानून की जानकारी तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से युवा वर्ग सार्वजनिक सुरक्षा, नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक व्यवस्था जैसे विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
किसी भी नागरिक के लिए यह जानना आवश्यक है कि पुलिस की भूमिका क्या है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिक किस प्रकार सहयोग कर सकते हैं। इसी तरह, विद्यार्थियों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सामान्य प्रक्रिया, सुरक्षा से जुड़े विषयों और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार की जानकारी उपयोगी हो सकती है।
शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को सवाल पूछने, प्रशासनिक संस्थाओं को समझने और वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनकी सामान्य जानकारी का दायरा बढ़ सकता है और सामाजिक विषयों के प्रति रुचि विकसित हो सकती है।






