आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन यानी 2 अक्टूबर भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए बेहद खास रहा। प्रतियोगिता के इस चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की। बॉक्सिंग में भारत को तीन स्वर्ण पदक मिले, जबकि कुश्ती और तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए। दिनभर चले मुकाबलों के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 75 तक पहुंच गई।
बॉक्सिंग में भारत की शानदार सफलता
दिन 13 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बॉक्सिंग में आए तीन स्वर्ण पदक शामिल रहे। भारतीय मुक्केबाजों ने अपने-अपने वर्गों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले जीते और देश की पदक संख्या में तीन गोल्ड जोड़े। एशियन गेम्स जैसे बड़े बहु-खेल आयोजन में बॉक्सिंग भारत के प्रमुख पदक स्रोतों में शामिल रही है और इस बार भी भारतीय मुक्केबाजों ने उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन किया।
तीन स्वर्ण पदकों के आने से भारतीय दल का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ। फाइनल मुकाबलों में जीत के साथ भारतीय मुक्केबाजों ने अपने-अपने वर्ग में एशियाई स्तर पर सफलता दर्ज की। बॉक्सिंग में मिली यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रतियोगिता के अंतिम दिनों की ओर बढ़ते हुए हर पदक भारत की कुल तालिका को प्रभावित कर रहा है।
कुश्ती में भी भारत को गोल्ड
बॉक्सिंग के साथ-साथ कुश्ती में भी भारत को स्वर्ण पदक मिला। भारतीय पहलवान ने अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। कुश्ती भारत की पारंपरिक मजबूत स्पर्धाओं में रही है और एशियन गेम्स में भारतीय पहलवानों से हमेशा पदक की उम्मीद की जाती है।
इससे एक दिन पहले यानी 1 अक्टूबर को भारत के नितेश सिवाच ने पुरुषों के 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। उनके रजत पदक ने भारतीय कुश्ती अभियान में एक और उपलब्धि जोड़ी थी। अब 13वें दिन कुश्ती में स्वर्ण मिलने से इस खेल में भारत की पदक सूची और मजबूत हुई।
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में भारतीय दल के लिए आने वाले मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण हैं। जिन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की पदक की दावेदारी बनी हुई है, उनमें प्रदर्शन का सीधा असर भारत की अंतिम पदक तालिका पर पड़ेगा।
13वें दिन बॉक्सिंग में तीन गोल्ड, कुश्ती और तीरंदाजी में स्वर्ण तथा अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी ने दिन को भारत के लिए खास बना दिया। कुल 75 पदकों के साथ भारतीय दल अब प्रतियोगिता के अंतिम चरण में अपनी पदक संख्या को और बढ़ाने की कोशिश करेगा। खेल प्रशंसकों की नजर अब बाकी मुकाबलों और भारत के अगले पदक जीतने वाले प्रदर्शन पर टिकी है।



