दीवाली भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन घरों को दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है। लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं तथा परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार की खुशियां मनाते हैं। कई लोग इस अवसर पर पटाखे और आतिशबाजी भी करते हैं। हालांकि, पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, गर्म बारूद और आग के कारण हाथों, उंगलियों, चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्सों में जलने की घटनाएं हो सकती हैं।
खास बात यह है कि पटाखों से होने वाली चोट हमेशा सामान्य नहीं होती। कई बार आग की गर्मी त्वचा की ऊपरी परत के साथ अंदरूनी ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। गंभीर मामलों में नसों और अन्य संवेदनशील हिस्सों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए दीवाली पर पटाखे जलाते समय सावधानी रखना और दुर्घटना होने पर तुरंत सही प्राथमिक उपचार करना बेहद जरूरी है।
पटाखे से हाथ जल जाए तो सबसे पहले क्या करें?
अगर पटाखा जलाते समय हाथ या उंगलियां जल जाएं, तो सबसे पहले घबराने के बजाय आग के स्रोत से दूर सुरक्षित स्थान पर जाएं। इसके बाद जले हुए हिस्से को तुरंत सामान्य ठंडे बहते पानी के नीचे रखें।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) और रेडक्रॉस के प्राथमिक उपचार संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, जले हुए हिस्से को लगभग 20 मिनट तक ठंडे बहते पानी से ठंडा करना चाहिए। इससे त्वचा में मौजूद गर्मी कम करने, दर्द और सूजन घटाने तथा चोट की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है।
ध्यान रखें कि इसके लिए बर्फ या बहुत ज्यादा ठंडे पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सीधे बर्फ लगाने से त्वचा के ऊतकों को अतिरिक्त नुकसान पहुंच सकता है।
अगर हाथ में अंगूठी, घड़ी, कड़ा या कोई अन्य आभूषण पहना हुआ है, तो सूजन बढ़ने से पहले उसे सावधानी से निकाल दें। हालांकि, यदि कोई कपड़ा या दूसरी चीज जली हुई त्वचा से चिपक गई है, तो उसे जबरदस्ती खींचकर निकालने की कोशिश न करें। इससे त्वचा और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है।
जले हुए हिस्से पर टूथपेस्ट या घी लगाने से बचें
अक्सर घरों में जलने पर तुरंत टूथपेस्ट, घी, मक्खन, तेल या घरेलू लेप लगाने की सलाह दी जाती है। लेकिन प्राथमिक उपचार के रूप में इन चीजों का इस्तेमाल करना सही नहीं है।
टूथपेस्ट, तेल और घी जैसे पदार्थ जले हुए हिस्से को ठंडा करने का सही तरीका नहीं हैं। कुछ पदार्थ त्वचा पर परत बनाकर गर्मी को बाहर निकलने से रोक सकते हैं। इसके अलावा, बिना चिकित्सकीय सलाह के अलग-अलग क्रीम या घरेलू मिश्रण लगाने से घाव की स्थिति बिगड़ सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए पटाखों से हाथ जलने पर सबसे पहले ठंडे बहते पानी से प्रभावित हिस्से को ठंडा करें। इसके बाद जरूरत के अनुसार साफ और न चिपकने वाली ड्रेसिंग से घाव को हल्के से ढकें। गंभीर चोट होने पर घरेलू उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय डॉक्टर के पास जाएं। World Health Organization+2
छाले पड़ने पर उन्हें फोड़ने की गलती न करें
जलने के बाद त्वचा पर छोटे या बड़े छाले दिखाई दे सकते हैं। ये छाले त्वचा की चोट के कारण बनते हैं और इनके अंदर तरल पदार्थ जमा हो सकता है। कई लोग इन्हें जल्दी ठीक करने के लिए सुई या किसी नुकीली वस्तु से फोड़ देते हैं।
ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। छाले फोड़ने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा टूट जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए छालों को खुद से फोड़ने या उनकी ऊपरी त्वचा हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
अगर छाले बड़े हैं, हाथ की उंगलियों पर हैं या दर्द और सूजन अधिक है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। विशेष रूप से पटाखों से लगी चोट में डॉक्टर से जांच कराना बेहतर रहता है, क्योंकि चोट की वास्तविक गहराई शुरुआती समय में स्पष्ट नहीं हो सकती।
कब समझें कि जलने का घाव गंभीर है?
हर तरह के जलने का इलाज घर पर संभव नहीं होता। कुछ चोटें देखने में छोटी लग सकती हैं, लेकिन अंदर तक नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए घाव के लक्षणों को पहचानना जरूरी है।
जलने के बाद त्वचा लाल होना, दर्द, सूजन और छाले पड़ना सामान्य लक्षण हो सकते हैं। वहीं, त्वचा का सफेद, भूरा या काला पड़ना, चमड़े जैसी दिखाई देना अथवा प्रभावित हिस्से में संवेदना कम हो जाना गंभीर जलने का संकेत हो सकता है।
विशेष रूप से निम्न परिस्थितियों में तुरंत चिकित्सा सहायता लें:
- हाथ, हथेली, उंगलियों या चेहरे पर गहरा घाव होने पर।
- जला हुआ हिस्सा व्यक्ति की हथेली से बड़ा होने पर।
- त्वचा सफेद, काली या झुलसी हुई दिखाई देने पर।
- बहुत ज्यादा सूजन, तेज दर्द या संवेदना कम होने पर।
- पटाखे के विस्फोट से उंगलियों या हाथ में गहरी चोट लगने पर।
- आंखों के आसपास चोट या सांस लेने में परेशानी होने पर।
दीवाली खुशियों, रोशनी और आपसी मेलजोल का त्योहार है। पटाखे जलाते समय थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं। अगर किसी का हाथ या शरीर जल जाए, तो तुरंत ठंडे बहते पानी से प्रभावित हिस्से को लगभग 20 मिनट तक ठंडा करें, घरेलू नुस्खों से बचें और गंभीर चोट होने पर चिकित्सकीय सहायता लें। सही समय पर किया गया प्राथमिक उपचार चोट के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।





