सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में सीहोर कोतवाली पुलिस ने अक्टूबर माह के दौरान अवैध सट्टे के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर सट्टा गतिविधियों में कथित रूप से शामिल 19 लोगों को पकड़ा है। इन कार्रवाइयों में कुल 19 प्रकरण दर्ज किए गए और आरोपियों के कब्जे से 26 हजार 970 रुपये की अवैध सट्टा राशि जब्त की गई।
पुलिस के अनुसार, अक्टूबर माह में त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों से जुड़े अपराधों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसी उद्देश्य से कोतवाली पुलिस ने सट्टे के खिलाफ अभियान तेज किया। विश्वसनीय मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीमों ने अलग-अलग 19 स्थानों पर दबिश दी। पुलिस का कहना है कि इन सभी कार्रवाइयों में उसे सफलता मिली और सट्टा गतिविधियों में संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।

एसपी सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर चलाया गया अभियान
अवैध गतिविधियों के खिलाफ जिले में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना द्वारा सभी थाना प्रभारियों और अनुभाग प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों में अवैध शराब, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा और अवैध मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए और सूचना मिलने पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई की जाए।
इन्हीं निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनंदना शर्मा के मार्गदर्शन में सीहोर कोतवाली पुलिस ने अभियान को आगे बढ़ाया।
मुखबिर सूचना के आधार पर तैयार की गई कार्रवाई की रणनीति
पुलिस की इस कार्रवाई में मुखबिर तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर सट्टा गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई गई।
पुलिस टीम ने सूचनाओं के आधार पर संबंधित स्थानों की पहचान की और दबिश देकर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 19 मामलों में 19 लोगों को पकड़ा गया। प्रत्येक मामले में पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की।
अवैध सट्टा गतिविधियां समाज में आर्थिक और सामाजिक समस्याओं को बढ़ावा दे सकती हैं। कई बार लोग कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में इस तरह की गतिविधियों से जुड़ जाते हैं। इसके कारण आर्थिक नुकसान और पारिवारिक परेशानियों जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा इस तरह की गतिविधियों के विरुद्ध अभियान चलाना कानून व्यवस्था के साथ सामाजिक जागरूकता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
26,970 रुपये की सट्टा राशि जब्त
अक्टूबर माह में की गई कार्रवाई के दौरान कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 26,970 रुपये जब्त किए हैं। पुलिस ने इस राशि को अवैध सट्टे से संबंधित बताया है।
19 अलग-अलग मामलों में हुई कार्रवाई के तहत जब्त की गई यह राशि पुलिस की कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा है। इसके साथ ही 19 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
पुलिस का उद्देश्य केवल सट्टा गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि ऐसे अवैध कामों को संचालित करने वाले स्थानों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इसके लिए मुखबिर तंत्र को लगातार सक्रिय रखने और प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था के साथ अपराध नियंत्रण पर भी जोर
अक्टूबर माह में त्योहारों के कारण पुलिस विभाग पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती है। बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ विभिन्न गतिविधियों पर निगरानी रखना भी जरूरी होता है।
ऐसे समय में सीहोर कोतवाली पुलिस द्वारा अवैध सट्टे के खिलाफ लगातार कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार, त्योहार ड्यूटी के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों से जुड़े अपराधों पर भी विशेष निगरानी रखी गई।
जिले में अवैध शराब, जुआ-सट्टा, हथियार और मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना प्रभारियों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कोतवाली पुलिस की अक्टूबर माह की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।




