सीहोर । क्षेत्र में सोमवार को अस्ठमी व नवमी के अवसर पर माता रानी की भक्ति और धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। देवी के भक्तों ने कन्या भोजन व भंडारों को आयोजन किया गया। हार साल की तरह सेमरा दांगी से रायपुरा स्थित सांवला माता मंदिर तक विशाल है चुनरी यात्रा निकालकर माता को चुनरी भेंट की। निकाली गई चुनरी यात्रा में बड़ी सुख्या में श्रद्धालु ष्षामिल हुए। यात्रा का स्थान स्थान पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
प्रमुख मार्गों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्राओं का स्वागत किया और माता रानी की चुनरी का पूजन-अर्चन किया।
सेमरा दांगी के श्रीराम मंदिर से ष्षुरू हुई चुनरी यात्रा का सोमरा दांगी सहित सेमरा ढोबरा कालोनी, मुगाली, रायापुरा में रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने चुनरी का पूजन-अर्चन कर माता रानी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
श्रीराम मंदिर से निकली दूसरी चुनरी यात्रा
ग्राम के श्रीराम मंदिर से शाम सोमवार की सुबह नो बजे से चुनरी यात्रा निकाली गई। यह यात्रा ग्राम के विभिन्न मार्गों से होते हुए सोमरा ढोबरा कालोली, मुगालवली, होती हुई रायपुरा बड़ली स्थित सांवला मंदिर मंदिर पहुंची श्रद्धालुओं ने माता रानी की महाआरती की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। आरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।
यात्रा में प्रमुख रूप से सीहोर नगर पालिका अध्यक्ष विकास प्रिंस राठौर, क्षेत्र के जन जन प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु ष्षामिल हुए। इस दौरान डीजे पर बजे माता के भजनों पर श्रद्धालु जमकर थिरके।
कन्या पूजन कर भंडारे आयोजित
क्षेत्र के रायपुरा स्थित सांबला बाली मााता मंदिर परिसर में विषाल भंडारा का आयोजन किया गया। भंडारे में माता के श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्राहण की।
सुबह से शाम तक दर्षन के लिए लगी रही भीड़
ष्नवमी के असवसर पर रायपुरा की बडली स्थित सांबल माता मंदिर में माता के दर्शन न करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतारे सुबह से देर ष्षाम तक लगी रही। इस दौरान प्रमुख रूप से पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सीताराम यादव ने सपरिवार ने माता के दर्शन कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की
जमकर की खरीदारी
हर साल की तरह इस बार भी रायपुरा स्थित प्रसिद्ध सांबल माता मंदिर परिसर में मेला लगा। मेले की दुकानों में ग्रामीणों ने जमकर खरीददारी की।
शरदीय अष्ठमी, नवमी के अवसर झरखेड़ा स्थित मां हिंगलाज मंदिर, बनखेड़ा के टेकरी स्थित मां विंध्यवासी मंदिर, गढ़ी बगराज स्थित माता मंदिर, भोज स्थित माता मंदिर, बरखेड़ा स्थित माता मंदिर व लीलगढ़ स्थित माता मंदिर में भक्तों की दर्शन करने भक्तों की भीड़ रही।





