कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का महासागर: हजारों कांवड़ यात्रियों ने किया जलाभिषेक

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drnewsindia.com / सीहोर। सावन मास के पावन अवसर पर प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम शिवभक्ति से सराबोर है। शुक्रवार सुबह से ही सीवन नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। यहां से पवित्र जल लेकर हजारों कांवड़ यात्री करीब 11 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर कुबेरेश्वरधाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव, बम-बम भोले और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयघोष के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक पूरा मार्ग भगवा रंग और शिवभक्ति से रंगा नजर आया। कोई कांवड़ लेकर पैदल चल रहा था तो कोई भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहा था। बारिश और धूप के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कठिन सफर के बावजूद भक्त लगातार महादेव के नाम का जाप करते हुए धाम की ओर बढ़ते रहे।

शिव नाम बना कांवड़ यात्रियों की ऊर्जा

करीब 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महादेव की भक्ति ही सबसे बड़ी ऊर्जा बनी रही। रास्तेभर हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। कुबेरेश्वरधाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर पवित्र जल अर्पित किया और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

श्रद्धालुओं का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति आस्था और आत्मिक शांति का अनुभव कराने वाली यात्रा है। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान के बजाय संतोष और भक्ति का भाव दिखाई दिया।

रास्ते में सेवा पंडालों पर हो रही सेवा

कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक जगह-जगह सेवा पंडाल लगाए गए हैं। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित सेवादारों ने प्रसादी वितरण की व्यवस्था संभाली। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से पेयजल, चाय-नाश्ता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने कहा कि कांवड़ यात्रियों के लिए महादेव की भक्ति और शिव नाम का जाप ही सबसे बड़ी ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि कठिन यात्रा पूरी कर जब श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं, तो उनके चेहरे पर थकान की जगह संतोष और श्रद्धा दिखाई देती है।

सावन के अंतिम दिनों में बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

कांवड़ यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या के चलते सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक पूरा मार्ग शिवमय नजर आ रहा है। भगवा वस्त्रों में कांवड़ लेकर चलते श्रद्धालु और गूंजते शिव जयकारे माहौल को भक्तिमय बना रहे हैं। सावन के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सेवा समितियों और स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

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