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नई दिल्ली: देश में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से आज नई दिल्ली में एक बड़े महामंथन की शुरुआत होने जा रही है। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज ‘खरीफ अभियान 2026 के लिए कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ का भव्य उद्घाटन करेंगे।
यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन कृषि क्षेत्र की दशा और दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

सम्मेलन के 3 मुख्य उद्देश्य और एजेंडा
- खरीफ सीजन की फुलप्रूफ प्लानिंग: सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य आगामी खरीफ मौसम के लिए बेहतरीन रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श करना है।
- राज्यों की भागीदारी: दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर थीम-आधारित (विषयगत) चर्चाएं होंगी, जिसमें सभी राज्य अपनी-अपनी प्रस्तुतियां (Presentations) देंगे।
- महामंथन में जुटेंगे दिग्गज: कृषि मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिक, प्रतिष्ठित कृषि संस्थान और इस क्षेत्र से जुड़े तमाम बड़े हितधारक (Stakeholders) एक मंच पर जुटेंगे।

इन 7 बड़े मुद्दों पर रहेगा खास फोकस
इस बार का खरीफ सम्मेलन पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक और सुरक्षित कृषि पर केंद्रित है। सम्मेलन में मुख्य रूप से इन विषयों पर रोडमैप तैयार होगा:
- खरीफ तैयारियों की समीक्षा: बीज, खाद और कीटनाशकों की समय पर उपलब्धता।
- कृषि उत्पादकता (Productivity): कम लागत में प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाना।
- जलवायु-अनुकूल खेती (Climate-Resilient Farming): मौसम की मार और बदलते पर्यावरण से फसलों को बचाना।
- प्राकृतिक खेती (Natural Farming): कैमिकल-मुक्त खेती को बढ़ावा देना।
- दलहन और तिलहन उत्पादन: दालों और तेल वाले बीजों के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाना।
- डिजिटल कृषि (Digital Agriculture): खेती में आधुनिक टेक्नोलॉजी और एआई का इस्तेमाल।
- जोखिम प्रबंधन: फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को सुरक्षित करना।





