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नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में आज त्याग, समर्पण और विश्वास का पावन पर्व ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पूरे धार्मिक उत्साह, उमंग और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही देश की तमाम बड़ी मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ियों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई, जहाँ देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआएं मांगी गईं।
दिल्ली की ऐतिहासिक मस्जिदों में रौनक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ईद को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही मुख्य नमाज़ के लिए अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा:
- यहाँ अदा की जा रही मुख्य नमाज़: दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और शाही ईदगाह में ईद की मुख्य नमाज़ अदा की जा रही है।
- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जामा मस्जिद और संवेदनशील इलाकों के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

क्यों मनाया जाता है ईद-उल-अज़हा?
यह त्योहार इस्लाम में बेहद खास महत्व रखता है। यह पावन दिन पैगंबर इब्राहिम के उस महान त्याग की याद में मनाया जाता है, जब उन्होंने ईश्वर (अल्लाह) के आदेश का पालन करते हुए अपने इकलौते बेटे की कुर्बानी देने की इच्छा जताई थी। यह पर्व हमें सिखाता है कि ईश्वर की राह में अपना सब कुछ न्योछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
इस त्योहार का मुख्य संदेश:
- भक्ति और समर्पण: ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास।
- त्याग और निस्वार्थता: अपनी प्रिय चीज़ों का समाज और मानवता के लिए त्याग।
- भाईचारा: आपस में खुशियां बांटना और जरूरतमंदों की मदद करना।





