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निकोसिया (साइप्रस): भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर साइप्रस पहुंच चुके हैं, जहां वे यूरोपीय संघ (EU) के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक—‘जिम्निच’ (Gymnich) में भाग लेंगे। वैश्विक और रणनीतिक कूटनीति के लिहाज से इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी, मेजबानों का जताया आभार
साइप्रस पहुंचने के बाद विदेश मंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने इस खास बैठक के निमंत्रण के लिए मेजबानों का धन्यवाद किया। डॉ. जयशंकर ने विशेष रूप से:
- काजा कल्लास (यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष) और
- डॉ. कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस (साइप्रस के विदेश मंत्री) को धन्यवाद दिया।

क्या है ‘जिम्निच’ (Gymnich) बैठक और क्यों है खास?
- अनौपचारिक और गंभीर चर्चा: ‘जिम्निच’ यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक बेहद प्रतिष्ठित और अनौपचारिक बैठक होती है। इसमें बिना किसी तय एजेंडे के वैश्विक मुद्दों और आपसी संबंधों पर खुलकर चर्चा की जाती है।
- भारत-EU संबंधों को मिलेगी नई धार: इस बैठक में डॉ. जयशंकर की मौजूदगी भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते मजबूत रिश्तों और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।
- ग्लोबल मुद्दों पर मंथन: बैठक के दौरान समकालीन वैश्विक चुनौतियों, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।

“साइप्रस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक (जिम्निच) में भाग लेने के लिए उत्सुक हूँ। इस निमंत्रण के लिए यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास और साइप्रस के विदेश मंत्री डॉ. कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस का हृदय से धन्यवाद।”
— डॉ. एस. जयशंकर, विदेश मंत्री





