drnewsindia.com/पटना/नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।
पटना के कार्यक्रम में कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह मामला रविवार, 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का है। यहां कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे अपने संबोधन में भाजपा, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे थे।
खड़गे ने पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की सरकारों को लेकर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनकी इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम स्थल पर हंगामा हुआ।
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर खड़गे के बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को लेकर पहले भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करती रही है।
शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस में निराशा बढ़ी है और पार्टी के पास अब मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों की राजनीति बची है।
बिहार के मुख्यमंत्री ने भी की माफी की मांग
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी खड़गे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है। चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से इस मामले में माफी मांगने की मांग की।
चुनावी आरोपों के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
अपने संबोधन में खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर भाजपा ने खड़गे की भाषा को प्रधानमंत्री पद की गरिमा और राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत बताया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। अब यह विवाद राजनीतिक गलियारों में




