drnewsindia.com
देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में इस वर्ष की चारधाम यात्रा ने शुरुआत में ही इतिहास रच दिया है। यात्रा शुरू हुए अभी कुछ ही हफ्ते बीते हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है।
भीड़ के कारण प्रशासन सख्त, रजिस्ट्रेशन पर रोक
श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या और धामों की सीमित क्षमता को देखते हुए प्रशासन ने ‘ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन’ पर अगले 3 दिनों के लिए रोक लगा दी है।
- क्यों लिया गया फैसला: केदारनाथ और बद्रीनाथ के रास्तों और मंदिर परिसर में क्षमता से अधिक भीड़ जमा होने के कारण ट्रैफिक और ठहरने की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
- व्यवस्था सुधारने की कोशिश: इन 3 दिनों के अंतराल का उपयोग प्रशासन पहले से मौजूद श्रद्धालुओं को दर्शन कराने और आगामी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए करेगा।

श्रद्धालुओं के लिए एडवायजरी
प्रशासन ने देश-दुनिया से आ रहे तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा योजना बनाने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण की स्थिति जरूर जांच लें।
- ऑनलाइन चेक करें: जो यात्री पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उन्हें फिलहाल कोई दिक्कत नहीं होगी।
- बिना रजिस्ट्रेशन न आएं: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चेक पोस्टों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है, बिना वैध रजिस्ट्रेशन के यात्रियों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।
रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े
इस वर्ष यात्रा के पहले पखवाड़े में ही लाखों श्रद्धालुओं ने चारों धामों (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के दर्शन किए हैं। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में पहाड़ों पर सतर्क रहने की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रशासन कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता।





