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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने आज एक नया कीर्तिमान रचते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। चौतरफा खरीदारी और मजबूत वैश्विक संकेतों के दम पर BSE सेंसेक्स ने पहली बार 85,000 के जादुई और ऐतिहासिक स्तर को पार कर लिया है। बाजार की इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है।
तेजी के 3 मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस महा-उछाल के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारक रहे हैं:
- विदेशी निवेश (FII) की वापसी: पिछले कुछ सत्रों से विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में भारी पूंजी निवेश किया है, जिससे बाजार को जबरदस्त बूस्ट मिला।
- मजबूत ग्लोबल संकेत: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स पर भी देखने को मिला।
- दिग्गज शेयरों में उछाल: रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और आईटी सेक्टर के बड़े शेयरों में हुई लिवाली ने सेंसेक्स को 85K के पार पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।

निफ्टी भी रिकॉर्ड की ओर अग्रसर
सेंसेक्स के साथ-साथ NSE निफ्टी में भी जोरदार एक्शन देखा जा रहा है। निफ्टी अपने नए लाइफ-टाइम हाई की ओर बढ़ रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बुलिश (Bullish) नजर आ रहा है।
निवेशकों की बढ़ी संपत्ति
इस ऐतिहासिक छलांग के साथ ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी नए उच्च स्तर पर पहुँच गया है। बाजार में आई इस हरियाली से रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो में भी शानदार बढ़त दर्ज की गई है।
बाजार एक्सपर्ट की राय: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्लोबल सेंटिमेंट इसी तरह सकारात्मक बना रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार नए मनोवैज्ञानिक स्तरों को छू सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मामूली मुनाफावसूली (Profit Booking) की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।





