जगदीशपुर कैबिनेट में ऐतिहासिक फैसले: मप्र में लागू होगा UCC का ड्राफ्ट, ‘अवैध संतान’ शब्द होगा खत्म; दो हिस्सों में बंटेगी मेडिकल यूनिवर्सिटी

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drnewsindia.com

MP Bureau Desk (19 July 2026): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ऐतिहासिक ग्राम जगदीशपुर में मप्र कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़े बदलावों वाली बैठक संपन्न हुई। शासन में सादगी, मितव्ययिता और शासकीय संसाधनों की बचत का बड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित तमाम वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुरक्षा काफिला छोड़कर तीन इलेक्ट्रिक बसों से सामूहिक रूप से बैठक स्थल पहुंचे।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक में प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी का पुनर्गठन करने जैसे दो सबसे बड़े प्रशासनिक व सामाजिक सुधारों के प्रस्तावों पर गहन मंथन किया गया।

📌 जगदीशपुर कैबिनेट बैठक की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • 🚌 सादगी की मिसाल: सीएम, मंत्रियों और अफसरों ने शासकीय वाहन छोड़े; इलेक्ट्रिक बसों से सफर कर दिया पर्यावरण और बचत का संदेश।
  • ⚖️ UCC का बड़ा बदलाव: ‘अवैध बच्चा’ या ‘नाजायज औलाद’ जैसे शब्द कानूनी तौर पर हमेशा के लिए समाप्त करने का प्रस्ताव।
  • 🎓 मेडिकल यूनिवर्सिटी का बंटवारा: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित मध्य व पश्चिम मप्र के सभी मेडिकल कॉलेज अब उज्जैन यूनिवर्सिटी के अधीन होंगे।
  • 🌾 जनजातीय गौरव: बैठक सभागार में जनजातीय वीर नायकों के चित्र लगाए गए और मंत्रियों ने जनजातीय कलाकारों के साथ कदम थिरकाए।
  • एक अनुपस्थिति: मंत्री परिषद की इस बेहद अहम बैठक में मंत्री लखन पटेल नहीं पहुंचे।

⚖️ मप्र में UCC से क्या बदलेगा? विवाह, तलाक और लिव-इन पर नए नियम

कैबिनेट के सामने रखे गए समान नागरिक संहिता (UCC) के ड्राफ्ट में सामाजिक समरसता और महिला अधिकारों को लेकर कई कड़े प्रावधान किए गए हैं:

समान कानूनी दर्जा: नए कानून के तहत अब किसी भी बच्चे के लिए ‘अवैध संतान’ जैसे शब्दों का उपयोग नहीं होगा, सभी बच्चों को समान कानूनी हक मिलेगा।

  • एक विवाह का नियम: सभी समुदायों के लिए एक समय में केवल एक ही विवाह मान्य होगा। विवाह और तलाक का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना अब पूरी तरह अनिवार्य रहेगा।
  • महिलाओं को नए अधिकार: यदि पति विवाह के समय किसी दूसरी महिला को गर्भवती कर चुका था, तो पत्नी को अदालत में शादी निरस्त कराने का विशेष अधिकार मिलेगा। इसके अलावा, सामाजिक पंचायतों या गैर-कानूनी तरीके से दिए जाने वाले मुस्लिम तलाक को अब मान्यता नहीं मिलेगी।
  • लिव-इन रिलेशनशिप का दायरा: लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर अनिवार्य पंजीयन कराना होगा। ऐसा न करने पर जेल और जुर्माने की सजा होगी। संबंध टूटने पर महिला पार्टनर को पत्नी की तरह भरण-पोषण का हक मिलेगा।

⚠️ एसटी (ST) समुदाय रहेगा बाहर: अनुसूचित जनजातियों (ST) की पारंपरिक व्यवस्था और रीति-रिवाजों को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस यूसीसी कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखने का प्रस्ताव है। कैबिनेट की अंतिम मंजूरी के बाद इसे 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।

🏥 मेडिकल यूनिवर्सिटी का पुनर्गठन: उज्जैन के अधीन आएगा भोपाल और इंदौर

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी को दो भागों में विभाजित करने का बड़ा प्रशासनिक सुधार किया जा रहा है:

  • 🏛️ उज्जैन मेडिकल यूनिवर्सिटी (मध्य व पश्चिम मप्र): इसके दायरे में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर, सागर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना के सभी मेडिकल कॉलेज संबद्ध होंगे।
  • 🏛️ जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी (महाकौशल व विंध्य क्षेत्र): जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पन्ना और टीकमगढ़ के मेडिकल कॉलेज इसके अधीन बने रहेंगे।

🎨 सभागार में दिखी जनजातीय संस्कृति की झलक, मंत्रियों ने किया लोक नृत्य

कैबिनेट बैठक की शुरुआत बेहद अनूठे अंदाज में हुई। बैठक स्थल पर जनजातीय कलाकारों ने लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया।

  • सांस्कृतिक प्रदर्शनी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय संस्कृति पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
  • थिरके मंत्रियों के कदम: नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक जनजातीय कलाकार से पारंपरिक छोटी छतरी लेकर मंत्री नागर सिंह चौहान, निर्मला भूरिया, राधा सिंह और कृष्णा गौर के साथ जमकर लोक नृत्य किया।
  • पॉलिटिकल गॉसिप: जब मंत्री लखन पटेल के विभाग बदले जाने को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा— “इसके बारे में मुख्यमंत्री जी से ही पूछें।”

🚫 CM का संदेश- ‘नशे से दूरी है जरूरी’

कैबिनेट बैठक के इतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक स्वास्थ्य को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। उन्होंने ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के तहत एक पोस्टर पर नशामुक्ति का संदेश लिखते हुए अपने हस्ताक्षर किए और एक प्रतीकात्मक चित्र बनाकर प्रदेश की जनता को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।

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