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Spiritual Desk (19 July 2026): झीलों की नगरी भोपाल रविवार को पूरी तरह से जैन समाज की श्रद्धा, भक्ति और गुरु-वंदना के रंग में सराबोर नजर आई। अवसर था राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर महाराज के पट्टशिष्य आचार्य समय सागर महाराज का 20 मुनियों के विशाल संघ के साथ भोपाल की धरा पर ऐतिहासिक चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश का। पूज्य आचार्य संघ की अगवानी के लिए न केवल भोपाल, बल्कि देश के कई राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा मार्ग जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
📌 चातुर्मास मंगल प्रवेश: मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
- 🚶♂️ ऐतिहासिक शोभायात्रा: नारायण नगर जैन मंदिर से शुरू होकर रानी कमलापति जिनालय तक भव्य जुलूस निकाला गया।
- 🙏 अद्भुत गुरु-मिलन: नाके चौराहे पर मुनिराजों और उपाध्याय श्री ने आचार्य श्री की परिक्रमा कर चरण वंदना की।
- 🎨 जागरूकता झांकियां: जीव दया, गोसेवा, हथकरघा (खादी) और संस्कृति संरक्षण का संदेश देती जीवंत झांकियां।
- 🗺️ ग्लोबल फुटफॉल: मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान से भी पहुंचे हजारों जैन श्रद्धालु।

📿 नारायण नगर जैन मंदिर से शुरू हुआ भक्ति का कारवां
रविवार सुबह नारायण नगर जैन मंदिर से भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ।
हर आंख में दिखा उत्साह: शोभायात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजे महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्गों का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे रास्ते श्रद्धालु “आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की जय” और “आचार्य समय सागर महाराज की जय” के गगनभेदी जयकारे लगाते हुए आचार्य संघ के पीछे-पीछे आत्म-विभोर होकर चल रहे थे। दिव्य घोष दल (बैंड) की धुन पर युवा भक्ति नृत्य करते नजर आए।
🤝 चौराहे पर दिखा पूज्य मुनि संघ का अद्भुत विनय
जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि चातुर्मास प्रवेश के दौरान नाके चौराहे पर एक बेहद भावुक और अद्भुत दृश्य देखने को मिला:
- चरण वंदना: नाके चौराहे पर पहले से मौजूद मुनि निर्णय सागर महाराज, उपाध्याय विश्रुत सागर महाराज और निर्यापक मुनि संभव सागर महाराज सहित पूरे मुनि संघ ने अगवानी की।
- परिक्रमा: मुनिराजों ने ने आचार्य समय सागर महाराज की अगवानी करते हुए उनकी परिक्रमा की और विधिपूर्वक चरण वंदना की। गुरु और शिष्यों के इस पावन मिलन को देख श्रद्धालु भावुक हो उठे।

🎪 झांकियों ने दिया जीव दया और स्वदेशी (हथकरघा) का संदेश
इस बार की शोभायात्रा केवल धार्मिक भजनों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें समाज को नई दिशा देने वाले संदेश भी शामिल थे:
- 🐄 गोसेवा और जीव दया: मूक पशुओं की रक्षा और गोशालाओं के महत्व को दर्शाती विशेष झांकियां सजाई गईं।
- 🧵 हथकरघा (खादी) संवर्धन: आचार्य विद्यासागर महाराज के प्रिय प्रकल्प ‘हथकरघा’ को बढ़ावा देने और स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया गया।
- 🛕 रानी कमलापति जिनालय: वर्तमान में निर्माणाधीन भव्य रानी कमलापति जिनालय की एक बेहद खूबसूरत प्रतिकृति (मॉडल) भी रथ पर शामिल की गई, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रही।
🏛️ रानी कमलापति जिनालय में सजी भव्य धर्मसभा
शोभायात्रा का समापन रानी कमलापति जिनालय परिसर में हुआ, जहाँ सर्वप्रथम आचार्य संघ ने देवाधिदेव भगवान आदिनाथ के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद लिया। इसके बाद परिसर में एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया:
- गुण वंदना: श्रद्धालुओं ने मंगलाचरण के साथ श्रीफल अर्पित किए और अष्टद्रव्य से पूज्य आचार्य श्री के गुणों की पूजा-अर्चना की।
- स्वागत मंच: भोपाल के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, फ्रंटलाइन जैन सोशल ग्रुप्स, महिला मंडलों और राजनीतिक संगठनों ने पूरे मार्ग में स्वागत मंच बनाकर मुनि संघ का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया।

🎯 आचार्य समय सागर महाराज का मंगल उद्बोधन
धर्मसभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य आचार्य समय सागर महाराज ने अपने दीक्षा गुरु युगप्रधान आचार्य विद्यासागर महाराज को उनके दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि और नमन अर्पित किया।
गुरुवर के विचार शाश्वत हैं: आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि “आचार्य भगवंत विद्यासागर महाराज केवल एक संत नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और आत्मकल्याण के जीवंत प्रेरणास्रोत थे। उनके द्वारा दिखाए गए सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन के आदर्श संपूर्ण मानव समाज को हमेशा सही और कल्याणकारी दिशा दिखाते रहेंगे।”




